यह शव पल्लवपुरम से लापता सुमनलता का नहीं तो आखिरी कौन सी सुमन का है। 40-45 वर्षीय महिला की हत्या कर शव को यहां फेंका गया है। हत्या को आत्महत्या दर्शाने के लिए महिला के शव के पास सल्फास की शीशी भी फेंकी गई। महिला के दाएं हाथ पर सुमन भी गुदा हुआ था। ऐसे में इस महिला के शव की शिनाख्त करना भी पुलिस के लिए आसान नहीं है। पुलिस शिनाख्त के बाद ही आगे की कार्रवाई करने की बात कह रही है।
रविवार तड़के करीब 5:30 बजे आसपास के लोगों ने मिल रोड स्थित फायर स्टेशन के पीछे खाली पड़ी जगह में महिला का शव पड़ा देखा तो सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंचे दरोगा बीएस चौहान ने शव की शिनाख्त कराने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। दरोगा ने बताया कि महिला के शरीर पर फिरोजी साड़ी थी। पैरों में बिछुए थे। शव के पास सल्फास की पांच गोलियां डिब्बी में मिली थी। पुलिस को शक था कि कहीं शव ग्रेटर पल्लवपुरम निवासी सुमनलता का तो नहीं है। महिला चेहरा भी काफी हद तक समाचार पत्रों में छपे फाइल फोटो से मिल रहा था। मोर्चरी पर लालकुर्ती पुलिस सुमनलता के पति पवन कुमार को लेकर पहुंची। पवन ने कहा कि उसकी पत्नी के हाथ पर सुमन नहीं लिखा हुआ था। यह शव उसकी पत्नी सुमनलता का नहीं है।
इंस्पेक्टर मवाना राजेश चतुर्वेदी के अनुसार देर रात तक शव की शिनाख्त नहीं हो सकी। लेकिन सवाल यह है कि आखिर यह कौन सी सुमन है, जिसके शव को हत्या के यहां फेंका गया। पुलिस का मानना है कि महिला की हत्या कहीं दूसरी जगह करने के बाद शव यहां फेंका गया। एसपी देहात श्रवण कुमार सिंह का कहना है कि शव की शिनाख्त के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
शातिर हैं हत्यारे
जिस प्रकार से महिला के शव को फायर स्टेशन परिसर के पीछे फेंका गया, उससे लगता है कि कोई न कोई स्थानीय व्यक्ति इसमें शामिल रहा है। जिस तरह महिला के पास सल्फास की गोलियां डाली गई, उससे हत्यारों ने यह दर्शाने का प्रयास किया कि महिला ने आत्महत्या की है। पुलिस के अनुसार यदि महिला ने सल्फास का सेवन किया होता तो उसके मुंह से झाग निकल रहे होते तथा शरीर से बदबू आ रही होती। लेकिन ऐसा कुछ नहीं था। वहीं, फायर स्टेशन पर तैनात चालक प्रमोद कुमार का कहना है कि शनिवार रात 12 बजे तक सभी लोग जगे हुए थे। वहां शव नहीं पड़ा था।