फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीएम को लिखी चिट्ठी तो मेट्रो में सहयात्री बनकर लूटने वाले किए गए गिरफ्तार

Tue, 11 Apr 2017 09:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली मेट्रो में सहयात्री बनकर धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत पर मेट्रो थाना पुलिस ने शनिवार को तीन अज्ञात युवकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन


बिहार के जिला मुजफ्फरपुर निवासी प्रभुराम एक अप्रैल को अपने भाई से मिलने गुरुग्राम आया था। पीड़ित का भाई लखिंद्र यहां गांव खांडसा में रहकर राजमिस्त्री का काम करता है।

प्रभुराम ने बताया कि सात अप्रैल की सुबह करीब 11 बजे वह गुरुग्राम से बिहार अपने घर जा रहा था। जब वह इफको चौक मेट्रो स्टेशन पर पहुंचा जहां उसे तीन युवक मिले। तीनों ने उससे बताया कि उन्हें भी बिहार जाना है। युवकों ने कहा कि उनका रिश्तेदार रेलवे में टीटी है। सभी लोग फ्री में चल चलेंगे।
विज्ञापन


पीड़ित उनकी बातों में आ गया और तीनों के साथ वह मेट्रो से दिल्ली चला गया। रेलवे स्टेशन पर जाकर आरोपियों ने कहा कि टीटी के साथ बैग लेकर नहीं जा सकते। आरोपियों ने दूसरी जगह पर बैग रखने के लिए कहकर ले लिया।

इसके बाद आरोपी बैग लेकर फरार हो गए। बैग में कागजात, एटीएम कार्ड, 250 रुपये, दसवीं, 12वीं, बीए की माक्र्स सीट और मोबाइल रखा हुआ था। पीड़ित लौटकर वापस गुरुग्राम आया और भाई के साथ शनिवार को इफको चौक मेट्रो स्टेशन पर गया।

जहां पर भाई के साथ मिलकर उसने बिहार निवासी मनोज और जीमदार पासवान को पकड़ लिया। एक युवक मौका पाकर भागने में सफल रहा। जांच अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

दोनों दिल्ली में रहते थे। दोनों को रविवार को अदालत में पेश कर भोंडसी जेल भेज दिया गया है। आरोपी इसी प्रकार की वारदातों को अंजाम देते थे। गुरुग्राम में उनकी यह पहली वारदात थी।

इसी प्रकार से मधुबनी बिहार निवासी रमाशंकर दो जनवरी को गुरुग्राम से बिहार जा रहे थे। मेट्रो में दो युवक मिले और कहा कि उनके रिश्तेदार रेलवे में टीटी हैं और उनके साथ धोखाधड़ी कर ली थी।

हालांकि पीड़ित से पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान कराई गई, लेकिन रमाशंकर ने दोनों को पहचानने से इंकार कर दिया। इस मामले में पीड़ित ने पीएमओ को शिकायत दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें