अच्छा-खासा परिवार था। व्यापार भी अच्छा चल रहा था। पत्नी स्पोर्ट्स पर्सन थी तो बेटी भी परिवार की लाड़ली थी। किसी चीज की कमी भी नहीं थी। पुलिस का कहना है कि व्यापारी योगेश के अवैध संबंधों की नजर इस परिवार को ऐसी लगी कि यह हंसता-खेलता परिवार पल भर में खत्म हो गया। शास्त्रीनगर सेक्टर-6 की पॉश कॉलोनी में किराए के फ्लैट में रहने वाले रूपम एंपोरियम के मालिक योगेश वर्मा, उसकी पत्नी बरखा और बेटी सनाया की मौत की खबर इलाके में आग की तरफ फैली। मौके पर पहुंचे सीओ सिविल लाइन और इंस्पेक्टर नौचंदी ने फ्लैट में रहने पड़ोसियों और आसपास के लोगों से जानकारी जुटानी शुरू कर दी। इंस्पेक्टर नौचंदी एसके राणा के मुताबिक प्रारंभिक जांच पड़ताल में सामने आया कि योगेश के परिवार में कोई कमी नहीं थी। लेकिन योगेश के एक युवती से अवैध संबंध थे। इसको लेकर कई बार दंपति और परिवार के सदस्यों में विवाद भी हुआ था। इसी कलह के चलते योगेश ने पत्नी और बेटी को जहर देकर खुद फांसी लगा ली।
छोड़ दिया था पुश्तैनी मकान
मौके पर जांच करती पुलिस
इंस्पेक्टर के अनुसार योगेश अपने तीनों भाइयों के साथ शास्त्रीनगर सेक्टर-2 के पुश्तैनी मकान में रहता था। लेकिन अवैध संबंधों के चलते विवाद होने पर वह अपनी पत्नी बरखा और बेटी सनाया को लेकर किराये के फ्लैट में रहने लगा था। लेकिन इसके बावजूद भी योगेश की मुलाकात लगातार युवती से होती थी। इसको लेकर दंपति में कई बार झगड़ा होता था। योगेश हर बार माफी मांगकर मामला शांत करा देता था।
शव देखकर बेहोश हुआ संयम
योगेश और सनाया का फाइल फोटो
फ्लैट का गेट तोड़कर सबसे पहले योगेश का भतीजा संयम ही अंदर घुसा। गेट तोड़ने के दौरान संयम के हाथ में चोट भी आ गई। कमरे में चाचा योगेश का शव पंखे पर लटका देख उसने उसके पैर पकड़ लिए। जब उसकी नजर बेड पर गई तो वहां पर चाची और चचेरी बहन का शव पड़ा था। जिन्हें देखकर संयम वहीं बेहोश हो गया। उसे उसके पिता हरीश और रिश्तेदार आंचल ने संभाला।
सनाया तो योगेश की लाड़ली थी
पंखे से लटकर दी जान
हरीश ने बताया कि योगेश अपनी इकलौती बेटी सनाया से बहुत प्यार करता था। सनाया केएल स्कूल में कक्षा 4 में पढ़ती थी। योगेश खुद उसे स्कूल छोड़ने और लेने जाता था। योगेश अपनी लाड़ली को कैसे जहर दे सकता है, यह बात गले नहीं उतर रही। उनका कहना है कि योगेश तो समझदार था, तो इतनी बड़ी गलती कैसे कर सकता था। यह सवाल तो उसके परिवार के अन्य लोगों के जेहन में भी कांटे की तरह चुभ रहा है।
अब किस काम के ये खिलौने
बच्चे के खिलौने
ये खिलौने उस मासूम सनाया के हैं जिसके चहकने से घर-आंगन खुशियों से भर उठता था। अब पूरा परिवार खत्म हो गया तो अब ये खिलौने किस काम के।
दफन हुआ मौत का राज
मेरठ। दंपति और एक मासूम बच्ची। हंसता खेलता परिवार। फ्लैट के हर कमरे में कहीं मां-बेटी तो कहीं योगेश और बरखा के फोटो लगे हैं। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में ही इसे योगेश के एक युवती से अवैध संबंधों को जोड़कर एक तरह से केस खत्म कर दिया। लेकिन इन फोटो को देखकर नहीं लगता कि दंपति के बीच किसी बात को लेकर विवाद रहा होगा। परिजनों का कहना है कि आपस में इतना प्यार होने के बावजूद आखिर इस परिवार को क्या हुआ, यह राज हमेशा के लिए दफन हो गया। समझदार और शिक्षित दंपति के बीच कौन आया, बस यह सवाल अभी बना हुआ है।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि बरखा शादी से पहले एक प्राइवेट स्कूल में टीचर भी। बरखा स्केटिंग में माहिर थी। कई बार वह मेडल भी ला चुकी थी। छात्रों को स्केटिंग सिखाना उसको बहुत अच्छा लगता था। शादी के बाद भी वह कुछ दिनों तक स्कूल में गई। लेकिन सनाया की परवरिश को देखते हुए उसको मजबूरन स्कूल छोड़ना पड़ा था। अब वह सारा ध्यान सनाया पर ही लगा रही थी।
मां- बेटी को चाय में पिलाया जहर
जांच करते कर्मचारी
इंस्पेक्टर के अनुसार मां-बेटी के शव बेड पर मिले हैं। जांच में बेड पर मां-बेटी के बीच गेप मिला। जिससे अंदाजा लगाया गया कि साथ में योगेश भी लेटा हुआ था। जानकारी में आया कि योगेश अक्सर खुद ही चाय बनाकर अपनी पत्नी और बेटी को पिलाता था। घटनास्थल को देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि योगेश ने पहले पत्नी और बेटी को चाय में जहरीला पदार्थ मिलाकर दिया। मां-बेटी का शव नीला पड़ा हुआ था और उनके मुंह से झाग आ रहे थे। उनकी मौत के बाद ही योगेश ने बेड पर कुर्सी रखकर फांसी लगाकर जान दी होगी।
मां-बेटी को नहीं था अहसास
विलाप करते रिश्तेदार
बरखा और सनाया को शायद उम्मीद नहीं होगी कि योगेश उनके साथ ऐसा कर सकता है। मौका-ए-मुआयना से साफ जाहिर है कि यह सब प्लानिंग योगेश की थी। सुसाइड नोट में योगेश ने इसका जिक्र किया है। योगेश ने सुसाइड नोट में लिखा कि वह अपने परिवार की मौत का जिम्मेदार खुद है। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि बरखा और सनाया को कुछ नहीं पता था कि योगेेश के दिमाग में कौन सी शैतानी चाल चल रही है। फ्लैट में लोगों की भीड़ लग गई। बरखा के मायके वाले भी शास्त्रीनगर में रहते है, वह भी पहुंच गए। योगेश के छोटे भाई को चक्कर आए तो उसने थोड़ा पानी पी लिया। पानी पीते ही वह जमीन पर गिर गया। चर्चा हुई कि कहीं पानी में जहर तो नहीं। उसको आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि उसकी हालत ठीक बताई गई।