नौचंदी थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर सेक्टर-छह में सोमवार देरशाम एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने फांसी लगाकर जान दे दी। युवक ने मरने से पहले अपनी बहन और अन्य दोस्तों के मोबाइल पर मेसेज कर सुसाइड करने की बात कही। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इंस्पेक्टर नौचंदी एसके राणा के मुताबिक शास्त्रीनगर सेक्टर-6 निवासी सतीश छाबड़ा स्पोर्ट्स व्यापारी हैं। उनका घर पर भी बल्ले बनाने का काम है। वहीं सूरजकुंड पर दुकान है। व्यापारी का इकतौला बेटा कमल छाबड़ा (23) हैदराबाद स्थित एक कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर था। कमल होली पर अपने घर हुआ था। सोमवार शाम को व्यापारी अपनी पत्नी के साथ कंकरखेड़ा में बेटी के पास चले गये। इस बीच उन्होंने अपने बेटे कमल से भी साथ चलने के लिए कहा। लेकिन कमल ने कहा कि उसका मन नहीं कर रहा और वह घर पर ही रहेगा। बेटे को घर छोड़कर व्यापारी अपनी पत्नी के साथ कंकरखेड़ा चले गये। रात नौ बजे जैसे ही वह घर लौटे तो कमरे में कमल का शव फंदे पर लटका हुआ था। इक लौते बेटे की मौत का पता चलते ही मां और पिता बेहोश हो गये। सूचना पर यूपी 100 और नौचंदी पुलिस पहुंची। पुलिस ने शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इंस्पेक्टर नौचंदी ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। लेकिन युवक ने अपनी बहन और अन्य दोस्तों को वीडियो मेसेज भेजे थे, जिसमें उसने कहा था कि वह मरने जा रहा है, अपनी मौत का खुद जिम्मेदार है।
परिवार में मचा कोहराम
व्यापारी के एक बेटा कमल था, जबकि दो बेटी हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। जबकि छोटी बेटी बंगलुरू में जॉब करती है। दुल्हैंडी पर भी कमल चुपचाप था, जो न तो अपने दोस्तों के पास गया और न ही होली को लेकर किसी से बात की। युवक की शादी भी नहीं हुई थी।
एक हाथ में भी मिले निशान
इंस्पेक्टर नौचंदी ने बताया कि कमल के एक हाथ पर भी नस कटे होने के निशान मिले हैं। यह निशान करीब दस से 15 दिन पुराने थे। हो सकता है कि उसने नस काटकर भी सुसाइड करने की कोशिश की हो।
दोपहर तक बंद रहा बाजार
स्पोर्ट्स व्यापारी सतीश छाबड़ा का घर सेंट्रल मार्केट से सटा हुआ है। सेंट्रल मार्केट के अध्यक्ष किशोर वाधवा ने बताया कि व्यापारी के बेटे की मौत से व्यापारियों में शोक रहा। दोपहर तक बाजार बंद रहा, दोपहर के बाद ही लोगों ने अपनी दुकानें खोलीं। इस दौरान महिपाल सिंह, नवीन रस्तोगी, आशीष, विरेंद्र शर्मा उर्फ बिल्लू और अन्य भी पीड़ित के घर पहुंचे।