शिक्षामित्रों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में जमकर हंगामा किया। पुलिस की जीप के सामने लेट गए। एक शिक्षामित्र ने आत्मदाह का प्रयास किया। भीड़ के बेकाबू होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। करीब दो घंटे तक हंगामा चला। 800 शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग की। उन्होंने न्याय न मिलने तक आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
हाईकोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों का समायोजन रद करने के विरोध में तीन दिन से कमिश्नरी पार्क में धरना चल रहा है। मंगलवार को करीब 800 शिक्षामित्र प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। कचहरी के मुख्य द्वार पर पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं रुके।
सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में सिविल लाइन, महिला थाना समेत कई थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। शिक्षामित्रों ने धरना प्रदर्शन शुरू किया। तभी शिक्षामित्र सुबोध कुमार निवासी सलाहपुर, रोहटा ने पेट्रोल उड़ेलकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। धरना प्रदर्शन में अफरातफरी मची तो पुलिस ने सुबोध को हिरासत में लेकर पेट्रोल की बोतल छीन ली।
शिक्षामित्रों ने हंगामा किया तो पुलिस ने उनके ऊपर लाठीचार्ज कर दिया। शिक्षामित्रों ने पुलिस जीप के सामने लेटकर सुबोध को पुलिस से छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस उसे सिविल लाइन थाने ले गई। उसके बाद शिक्षामित्रों का धरना प्रदर्शन उग्र हो गया। शिक्षामित्रों ने ऐलान किया कि यदि पुलिस उनके साथी को नहीं छोडे़गी तो वह भी कलेक्ट्रेट में आत्मदाह कर लेंगे। करीब दो घंटे तक प्रदर्शन चला, उसके बाद पुलिस ने सुबोध को छोड़ा और शिक्षामित्रों का ज्ञापन लिया।
आत्मदाह की चेतावनी पर हड़कंप
शिक्षामित्र सुबोध के थाने जाने पर महिला शिक्षामित्रों को गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी कि अब वह भी कलक्ट्रेट में आत्मदाह करेंगी। इतना सुनते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामला तूल न पकड़ जाए कि पुलिस अधिकारियों ने पीएसी और फायर ब्रिगेड को तत्काल भेजा।
छोड़ दो, अब जीना नहीं
कमिश्नरी पार्क से निकलते ही शिक्षामित्रों ने नारे लगाने शुरू किए कि अब रोजगार ही छीन गया तो जीने से क्या फायदा। शिक्षामित्रों ने कहा कि मोहल्ले के लोग भी टिप्पणी करने लगे हैं। तीन दिन से भूखे हैं। पुलिस ने उनको रोकने का प्रयास किया तो शिक्षामित्रों ने कहा कि छोड़ दो, अब हमें जीना नहीं।
800 शिक्षामित्रों ने मांगी इच्छा मृत्यु
कमिश्नर पार्क पर धरने के दौरान 800 शिक्षामित्रों ने राष्ट्रपति को पत्र लिखे। उन्होंने सामूहिक रूप से इच्छा मृत्यु की मांग की। पोस्ट कार्ड राष्ट्रपति भवन भेज दिए गए हैं। वक्ताओं ने कहा कि जिले में 1060 शिक्षामित्रों में से 422 ने दो साल की दूरस्थ बीटीसी के साथ टीईटी पास किया है। 42 ने दो साल के रेग्युलर बीटीसी के साथ टीईटी पास किया। छह ने विशिष्ट बीटीसी के साथ टीईटी पास किया है। सभी शिक्षामित्र प्रशिक्षित हैं।
अध्यापक सेवा नियमावली 1981 का पूरा पालन करते हैं। शिक्षामित्रों की मांग है कि अर्हता पूरी करने वाले शिक्षामित्रों को पद से निरस्त न किया जाए, जो अर्हता नहीं भी रखते उन्हें अर्हता पाने का अवसर दिया जाए। शहीद शिक्षामित्रों को परिवार को 20-20 लाख रुपये का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी दी जाए। संघ के मेरठ प्रभारी प्रमोद कुमार विदूड़ी का कहना है कि समायोजन को लेकर जब तक राहत नहीं मिलती धरने प्रदर्शन जारी रहेंगे।
याचिका देने वाले को धमकी
मेरठ। शिक्षामित्रों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका डालने वाले को धमकी दी गई है। एसएसपी ऑफिस पहुंचे एक याचिकाकर्ता ने अपनी और अपने परिवार की जान का खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। सरस्वती विहार रोहटा रोड निवासी हिमांशु राणा पुत्र सुरेंद्र सिंह राणा ने भी शिक्षामित्रों के खिलाफ याचिका डाली थी। हाईकोर्ट ने हाल ही में शिक्षामित्रों के समायोजन को न्याय विरुद्घ बताते हुए निरस्त कर दिया था।
एसएसपी ऑफिस पहुंचे हिमांशु राणा ने बताया कि सोमवार को वह नोएडा में किसी काम से गए थे। वहां से लौटते समय नोएडा में ही उन्हें रोककर कुछ लोगों ने हमला करने की कोशिश की और जान से मारने की धमकी दी। एसएसपी ऑफिस में इंस्पेक्टर सुधीर कुमार से उन्होंने शिकायत की है।