लिसाड़ी गांव में शराब के ठेके पर प्रिंट रेट से अधिक पर शराब बेचने का विरोध करने पर रविवार रात को एक युवक को पीटा गया। बाद में ठेके पर मौजूद कर्मचारियों ने युवक को पुलिस के हवाले कर दिया। विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने ठेके पर धावा बोल दिया। महिलाओं ने नारेबाजी कर ठेके पर तालाबंदी कर दी। इस दौरान हंगामे की सूचना पर भाजपाइयों की पुलिस से तीखी नोकझाेंक भी हुई।
भाजपा नेता चरण सिंह लिसाड़ी का आरोप है कि लिसाड़ी गांव में शराब का ठेका सुबह सात बजे से देर रात्रि तक खुलता है। रात में दस बजे के बाद ठेके पर शराब के पव्वे पर 15 से 20 रुपये अधिक वसूले जाते हैं। रविवार रात एक साढे़ ग्यारह बजे भी ठेका खुला था। एक युवक ने अधिक पैसे लेने का विरोध किया तो उसे पीटा गया। बाद में पुलिस से पकड़वाकर थाने भिजवा दिया गया। रात में भाजपा कार्यकर्ता के अलावा 40-50 महिलाएं भी ठेके पर पहुंच गई। भीड़ ने ठेके पर जबरन ताला जड़ दिया। हंगामे की सूचना पर यूपी 100 और थाना पुलिस भी पहुंच गई। चरण सिंह लिसाड़ी ने आरोप लगाया कि ठेकेदार का कहना है कि थाने में तीन हजार और चौकी पर प्रतिमाह 20 हजार रुपये इसी बात के दिए जाते हैं। रात में भाजपाइयों ने एसपी सिटी से पूरे मामले की शिकायत की। एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि बिजेंद्र सागर, मनोज, कुमार, दिनेश मोहन, विनोद कुमार, सुनीता, अनीता, राजेश, जयवती, कुसुम आदि रहे।