करीब 25 करोड़ रुपये कीमत की चंदन की लकड़ी सोमवार को खरखौदा पुलिस ने पकड़ी है। इसकी जानकारी पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इस चंदन की लकड़ी की तलाश में एक महीने पहले हरियाणा पुलिस ने भी दबिश दी थी। पुलिस ने करीब 150 कुंतल लकड़ी होना बताया है।
खरखौदा-मोहिउद्दीनपुर मार्ग पर फत्तन सिंह त्यागी मार्केट स्थित श्रीजी टिंबर मर्चेंट के गोदाम पर मुखबिर की सूचना पर छापा मारा गया। जिसमें करीब 150 कुंतल लकड़ी बरामद की गई। जिसकी कीमत पुलिस ने 25 करोड़ रुपये बतायी है। गोदाम पर मौजूद चौकीदार कस्बा निवासी अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि दिल्ली के प्रीतमपुरा निवासी सुचित सिंघल पुत्र नरेंद्र सिंघल ने करीब पांच वर्ष पहले कारोबार की शुरूआत की थी। इस कारोबार में सुचित के साथ प्रीतमपुरा निवासी उसका चचिया ससुर सुशील अग्रवाल भी शामिल है।
पहले तो इन लोगों ने इमारती लकड़ी को यहां लाकर डाला। लेकिन करीब चार वर्षों पहले करीब 150 कुंतल चंदन की लकड़ी को यहां पर रखा गया। पुलिस द्वारा जानकारी करने पर गोदाम मालिक ने बताया कि गोदाम को उन्होंने 12 हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से किराये पर दे रखा है। पिछले पांच माह से गोदाम का किराया नहीं दिया गया। गोदाम मालिक, चौकीदार को साथ लेकर दिल्ली में लकड़ी मालिक के घर पहुंचे तो जानकारी मिली कि लकड़ी मालिक एक चंदन तस्कर है।
हरियाणा पुलिस भी आयी थी
एसओ खरखौदा पीयूष दीक्षित का कहना है कि चंदन की लकड़ी की सूचना पर एक महीने पहले हरियाणा पुलिस ने दबिश दी थी। काफी तलाश करने के बाद चंदन की लकड़ी के गोदाम का पता नहीं लग सका था। तभी से पुलिस इसकी तलाश में लगी थी। सोमवार को मुखबिर की सटीक सूचना पर गोदाम पर छापा मारा गया है। देर रात पहुंचे वन विभाग के एसडीओ संजीव कुमार ने बताया कि बरामद की गई लकड़ी लाल चंदन है। जिसकी कीमत करीब 20-25 करोड़ रुपये है।
मंदिर निर्माण में ही किया जाता है प्रयोग
कुछ टिंबर मर्चेँट ने बताया कि इस बेशकीमती चंदन की लकड़ी का प्रयोग केवल मंदिर और पूजा पाठ से सबसे ज्यादा किया जाता है। पुलिस के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस चंदन की लकड़ी 25 करोड़ रुपये के करीब हो सकती है।