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दरोगा सुसाइड केस: कोतवाली प्रभारी ने कुलदीप को नहीं जाने दिया था रिवार्ड लीव पर

Wed, 06 Feb 2019 12:49 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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पत्नी और बच्चे के साथ कुलदीप सिंह और साइड में साथियों के साथ सेल्फी लेते कुलदीप - फोटो : अमर उजाला
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पुलिस लाइन में हुई गणतंत्र दिवस की परेड के बाद दो दिन के रिवार्ड लीव की घोषणा की गई थी। उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह ने भी रिवार्ड लीव पर जाने के लिए तत्कालीन देवबंद कोतवाली प्रभारी को मैसेज किया था, लेकिन उसे अनुमति नहीं दी, बल्कि पुलिस भर्ती परीक्षा में उसकी ड्यूटी लगा दी गई। मामला यूपी के सहानपुर जनपद का है।  

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देवबंद कोतवाली के रणखंडी चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक कुलदीप की मौत के बाद एक-एक बात को गंभीरता से लिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि 26 जनवरी की परेड के बाद रिवार्ड लीव दी गई थी। लेकिन कुलदीप को रिवार्ड लीव पर नहीं जाने दिया गया। जबकि उसके अन्य सभी साथी लीव पर चले गए। मृत्यु से पहले रिकॉर्ड किए गए ऑडियो बयान में उपनिरीक्षक कुलदीप ने कहा कि उसने आरएल के लिए थानाध्यक्ष को मैसेज किया था, मैसेज थाना प्रभारी ने देख भी लिया था, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। छुट्टी नहीं मिलने का दर्द भी उपनिरीक्षक ने अपने ऑडियो में बया किया था।  

तीन दिन में भी नहीं पहुंचे जांच के आदेश 
उपनिरीक्षक कुलदीप की मौत के मामले में पत्नी शिल्पी ने हत्या का आरोप लगाते हुए देवबंद कोतवाली में रविवार को रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। मुकदमे की विवेचना सीओ द्वितीय मुकेश कुमार मिश्र से कराने की बात एसपी देहात ने कही थी। लेकिन मंगलवार तक भी कोई लिखित आदेश सीओ मुकेश मिश्र तक नहीं पहुंचा। सीओ मुकेश मिश्र का कहना है कि उनके पास अभी तक विवेचना अथवा जांच के लिए कोई लिखित आदेश नहीं आया है।

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विवेचना अधिकारी ही खुलवाएंगे कमरा 
एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि अभी उपनिरीक्षक कुलदीप का कमरा नहीं खुलवाया जा सका है। सीओ द्वितीय मुकेश मिश्र इसकी विवेचना कर रहे हैं। मुकेश मिश्र ही परिजनों की उपस्थिति में कुलदीप का कमरा खुलवाकर जांच कराएंगे। 

जांच प्रभावित कर रहा आरोपी: सुधीर  
उपनिरीक्षक कुलदीप के बहनोई सुधीर बालियान ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों ने आरोपी इंस्पेक्टर अभिषेक सिरोही पर कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि कुतुबशेर थाना का चार्ज दे दिया गया है। जिससे आरोपी थाना प्रभारी जांच में हस्तक्षेप कर प्रभावित कर रहा हैं। उन्हें अब अधिकारियों से सही जांच किए जाने की उम्मीद नहीं है। आरोप लगाया कि अधिकारी ही आरोपी को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

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