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मेरठ के रूकनपुर में संघर्ष, पथराव और फायरिंग

Mon, 21 Sep 2015 01:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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भावनपुर क्षेत्र के रूकनपुर गांव में रविवार को दो पक्षों में संघर्ष हो गया। आरोप है कि पूर्व प्रधान पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष की महिलाओं से घरों से खींचकर पीटा। घर में तोड़फोड़ और लूटपाट की। पथराव और फायरिंग से गांव में भगदड़ मच गई। दो लोगों को गोली लगी जबकि एक दर्जन से ज्यादा घायल हो गए। संघर्ष का कारण पंचायत चुनाव की राजनीति बताया जा रहा है। जबकि पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों में पुरानी रंजिश के कारण यह यह संघर्ष हुआ।
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पुलिस के अनुसार रूकनपुर निवासी शौकीन पुत्र रमजान का आरोप है कि पूर्व प्रधान इकलाख पक्ष के लोग उसके परिवार से रंजिश रखते है। इससे पूर्व भी कई बार पूर्व प्रधान पक्ष के लोगों ने उसके परिवार के साथ मारपीट की थी। शनिवार रात उसका बेटा अमजद नमाज के बाद लौट रहा था तो घर के पास ही गली में इकलाख के भतीजे खडे़ थे। अमजद ने जब इसका विरोध किया तो उन युवकों ने अमजद की पिटाई कर दी। तब बीचबचाव में मामला शांत हो गया था।

आरोप है कि रविवार सुबह पूर्व प्रधान इकलाख पक्ष की ओर से करीब एक दर्जन लोगों ने उसके घर पर हमला बोल दिया। घर में मौजूद महिलाओं से अभद्रता करते हुए उन्हें घसीटकर पीटा गया। घर में तोड़फोड़ करते हुए नकदी भी लूट ली। एक बार बचाव के बाद भी हमलावरों ने दोबारा परिजनों को घर से बाहर खींच लिया। इसके बाद हुए पथराव में हमलावरों ने फायरिंग कर दी। पथराव और फायरिंग में एक पक्ष से शौकीन और उसका चचेरा भाई सलीम गोली लगने से घायल हो गए। जबकि अमजद, शाहिद, सलीम, मोनी, रीना, कौसरजहां और दूसरे पक्ष से शाहरुख, नईमू और कृष्ण घायल हुए।
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मौके पर पहुंचे एसओ भावनपुर मोहन सिंह के सामने दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव और फायरिंग के आरोप लगाए। एसओ का कहना है कि दो लोगों को गोली लगने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला आपसी रंजिश का है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पूर्व प्रधान इखलाक का कहना है कि शनिवार रात उसके भतीजे शाहरुख के साथ अमजद और उसके साथियों ने मारपीट की थी।

एक मंत्री के करीबी हैं दोनों पक्ष
मेरठ। पुलिस सूत्रों की मानें तो दोनों ही पक्षों के लोग सपा के एक मंत्री के करीबी हैं। जिसके चलते पुलिस भी कार्रवाई के नाम पर बच रही है। पथराव और फायरिंग के बाद भी एसओ भावनपुर पूरे मामले में चुप्पी साधे रहे। जिस पक्ष पर भी कार्रवाई पुलिस करेगी, वही एसओ के लिए मुसीबत बनेगा।
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