टीपीनगर क्षेत्र की देवलोक कॉलोनी से रिटायर्ड पेशकार सुखवीर सिंह (66) की अपहरण के बाद हत्या का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार सुखबीर सिंह के समधी ने बृहस्पतिवार रात पूछताछ में दावा किया कि हत्या को दो युवकों की सहायता से अंजाम देकर शव को मवाना क्षेत्र में नहर में फेंक दिया था। पुलिस ने रिटायर्ड पेशकार की पुत्रवधू को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
एसपी सिटी रणविजय सिंह के अनुसार सुखवीर सिंह सिविल कोर्ट से छह साल पहले पेशकार के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनका बड़ा बेटा दिव्यांग है। छोटा बेटा आशीष गाजियाबाद में रेलवे में तैनात है। छोटे बेटे की शादी चार साल पहले दौराला थाना क्षेत्र के जैनपुर निवासी महेश की बेटी पूजा से हुई थी। पूजा का आरोप था कि सुखबीर उसका उत्पीड़न करते थे, जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर सकती थी। उसने पति से भी इसकी शिकायत की। लेकिन पति आशीष भी अपने पिता की पैरवी करता है।
एसपी सिटी के अनुसार दो फरवरी को समधी महेश ने सुखबीर सिंह के घर गाड़ी भेजी, उसमें दो युवक थे। जिन्होंने सुखबीर सिंह से कहा कि एक मामला है, जिसमें कचहरी तक चलना है। बाद में घर ही छोड़ जाएंगे। लेकिन उसके बाद सुखवीर घर नहीं लौटे। सीसीटीवी कैमरे में कैद गाड़ी की पुलिस ने जांच की तो पूरा केस खुलता चला गया। पुलिस को पूछताछ में आरोपी महेश ने दावा करते हुए बताया कि अपहरण के दो घंटे तक उन्हें एक दुकान पर बैठाया, जहां हमने पकोड़े खाए। उसके बाद महेश व भाड़े पर लिए दो युवकों ने शराब पी। उसके बाद गाड़ी में ही गला घोटकर शव को नहर में फेंक दिया था।
गाड़ी का नंबर हुआ था ट्रेस
पुलिस के अनुसार आशीष ने सीसीटीवी फुटेज में कैद गाड़ी का नंबर बताया था, जिसमें दोनों युवक उसके पिता को ले गए थे। आशीष को चौकी बुलाया गया तो आशीष की पत्नी पूजा ने अपने पिता महेश को फोन कर इसके बारे में बताया। शक होने पर कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने महेश को हिरासत में लिया। बृहस्पतिवार देर रात एसपी सिटी और सीओ ब्रह्मपुरी हरिमोहन सिंह ने महेश की निशानदेही पर शव की तलाश की।
शव को तलाशना अहम
अपहृत रिटायर्ड पेशकार सुखबीर सिंह के मामले में उनके समधी महेश और पुत्रवधू को हिरासत में लिया है। महेश ने पूछताछ में बताया कि सुखबीर की हत्या कर शव को दो फरवरी को ही नहर में फेंक दिया था। शव की तलाश अहम है। जल्द ही खुलासा होगा। -रणविजय सिंह, एसपी सिटी