गंगासागर कालोनी में पॉलीटेक्निक के छात्र ने शुक्रवार आधी रात खुद को गोली से उड़ा लिया। छात्र का अपने इंजीनियर भाई से मोबाइल फोन पर बात करते समय विवाद हुआ था। जिसके बाद छात्र ने खुद को सेंट्रो कार में बंद कर तमंचा कनपटी से सटाकर गोली मार ली। छात्र को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।
भावनपुर थाना क्षेत्र के छिलौरा गांव का निवासी अभिषेक सिवाच (22) पुत्र सुम्मेर सिंह मुरादाबाद स्थित एक कॉलेज से पॉलीटेक्निक की पढ़ाई कर रहा था। वर्तमान में वह ग्रीन सिटी कॉलोनी में रह रहा था। अभिषेक का बड़ा भाई राहुल दिल्ली में एक निजी कंपनी में इंजीनियर है।
शुक्रवार रात अभिषेक अपने दोस्त गंगासागर कॉलोनी निवासी तरुण पुत्र मनवीर सिंह और प्रिंस पुत्र भूपेंद्र के पास आया था। तरुण बाईपास स्थित एक संस्थान से बीटेक कर रहा है, जबकि प्रिंस ने 12वीं पास की थी। रात में अभिषेक ने अपने भाई राहुल से फोन पर बात की थी।
जिसमें दोनों का किसी बात को लेकर विवाद हो गया। अभिषेक ने कह दिया कि अब वह इस दुनिया में नहीं रहना चाहता। जिसके बाद राहुल ने तरुण और प्रिंस से कहा कि वह अभिषेक क ो इस समय मना लें। शनिवार तड़के वह खुद आकर उसे समझा लेगा।
कुछ देर बाद ही अभिषेक ने अपने दोस्तों से कहा कि उसने जहर खा लिया और और वह मरने जा रहा है। जिसके बाद दोनों दोस्त अभिषेक को उसी की सेंट्रो कार से अस्पताल ले जाने लगे। रास्ते में अभिषेक अपनी मां की कसम खाकर कहने लगा कि उसने जहर नहीं खाया है बल्कि बीयर से उसे नशा हो रहा था। जिस पर अभिषेक ने तरुण से खाना खाने की बात कही।
गंगासागर कॉलोनी में पहुंचते ही तरुण और प्रिंस तो कार से उतर गए, जबकि अभिषेक कार लॉक करने की बात कहते हुए बैठा रहा। इस बीच अभिषेक ने कार के शीशे बंद करके तमंचे से कनपटी पर गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर वहां भीड़ लग गई।
कार का पिछला शीशा तोड़कर अभिषेक को बाहर निकाला गया तो वह खून से लथपथ था। तरुण और प्रिंस उसे लेकर गंगानगर स्थित निजी अस्पताल में पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने सीरियस बताकर उसे आनंद अस्पताल भेज दिया। जिसके बाद आनंद अस्पताल में अभिषेक क ो मृत घोषित कर दिया गया। एसओ भावनपुर मोहन सिंह का कहना है कि अभी तक सुसाइड का मामला सामने आ रहा है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।