एक हजार की मिलती मजदूरी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनको एक दिन की मजदूरी एक हजार रुपये मिलती थी। तीन दिन की ट्रेनिंग मिलने पर वे अवैध असलहे बनाने लगे। सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक काम करते थे। अब तक 20-25 अवैध असलहे बना चुके हैं। जिनको राशिद फैक्टरी से लेकर गया था।
मेरठ में तैयार, सप्लाई पश्चिम में
प्रेसवार्ता में आरोपियों ने बताया है कि हथियार बनाने के लिए मेरठ का किठौर सेफ अड्डा है। अवैध हथियार बनाकर मेरठ के अलावा हापुड़, बुलंदशहर, नोएडा, गजरौला, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत सहित दूसरे जिलों में अवैध हथियार सप्लाई हो रहे हैं।
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