एनसीआर के नाम पर पुलिस ने एक युवक को कस्टडी में लेकर पीट दिया। युवक की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने पल्लवपुरम थाने पर मंगलवार रात जमकर हंगामा काटा। थाने में तोड़फोड़ की कोशिश करते हुए पुलिसकर्मियों से हाथापाई कर दी गई। परिजनों ने युवक को मोदीपुरम के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उसकी हालत गंभीर बनी है। पल्लवपुरम पुलिस इस मामले से पल्ला झाड़ने में लगी है।
पल्लवपुरम फेस दो स्थित डबल स्टोरी निवासी इजराइल व बिट्टू के बीच दो दिन पहले मारपीट हो गई थी। पड़ोसी सुरेंद्र ने बीचबचाव करा दिया था। इजराइल ने पल्लपुरम थाने पर बिट्टू व सुरेंद्र के खिलाफ एनसीआर दर्ज करा दी। सुरेंद्र की बहन मीनाक्षी ने बताया कि मंगलवार सुबह पल्लवपुरम थाना पुलिस सुरेंद्र को ले गई। मगर पुलिसकर्मियों ने किसी को उससे मिलने नही दिया। आरोप है कि इस मामले में पुलिस उसे छोड़ने की एवज में 20 हजार रुपये मांग रही थी। शाम को सुरेंद्र का भाई राहुल अपने घर के पास खड़ा था तो बाइक सवार युवकों ने उस पर हमला कर बुरी तरह से घायल कर दिया।
आसपास के लोग उसे छुड़ाने पहुंचे तो आरोपी अपनी एक बाइक छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने बाइक कब्जे में ले ली। जब राहुल के परिजन रिपोर्ट कराने थाने पहुंचे तो पता चला कि सुरेंद्र की थाने में अचानक तबियत बिगड गई है और पुलिस ने उसे कोटपाल अस्पताल में भर्ती कराया है। परिजन अस्पताल पहुंचे तो वहां मौजूद पुलिसकर्मी सुरेंद्र को उनके सुपुर्द कर चले गए।
परिजनों ने सुरेंद्र को एसडीएस ग्लोबल अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी हालत गंभीर बनी है। आरोप है कि पुलिस ने सुरेंद्र से मारपीट की, जिससे उसकी तबियत बिगड़ी। गुस्साए परिजनों ने पल्लवपुरम थाने पर हंगामा कर दिया। सूचना पर पहुंचे कार्यवाहक एसओ उपेंद्र मलिक ने लोगों को किसी तरह शांत कर राहुल की ओर से तहरीर ली है।
सुरेंद्र के खिलाफ एनसीआर दर्ज है। शाम को दोनो पक्षों में फैसले की बात को लेकर सुरेंद्र को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया था। उसके बाद उसकी तबियत बिगड़ी है। थाने पर उसकी तबियत नहीं बिगडी है।
- उपेंद्र मलिक, कार्यवाहक एसओ