शास्त्रीनगर के सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर केस में सेक्स स्कैंडल के साथ लूटपाट का भी कनेक्शन सामने आया है। कातिलों का पहले सेक्स और फिर चंद्रशेखर गुप्ता के मकान में लूट करने का प्लान था। यह दावा करते हुए पुलिस ने कहा है कि वह कातिल के करीब है। बस, उसकी गिरफ्तारी बाकी है। कातिलों की गिरफ्तारी के लिये पुलिस ने माधवपुरम में अपना जाल बिछा रखा है। इसके अलावा पुलिस की एक टीम कातिल की तलाश में दिल्ली भी रवाना हुई है।
शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट गोल मंदिर के सामने शनिवार को बीमा कंपनी मैनेजर चंद्रशेखर गुप्ता उनकी पत्नी पूनम गुप्ता और एक युवती रिया उर्फ रेनू का मर्डर हुआ था। पुलिस अधिकारी इस मामले को सेक्स स्कैंडल से जोड़कर जांच में जुटे थे। बुधवार को पुलिस अधिकारियों ने खुलासा किया था कि कातिल माधवपुरम के रहने वाले हैं और उन्होंने लिसाड़ीगेट से फर्जी आईडी पर सिम खरीदा था। बृहस्पतिवार को पुलिस ने दावा किया कि माधवपुरम निवासी सचिन सक्सेना और रिया एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते थे। सचिन मौज मस्ती में ऐसा डूबा कि वह लाखों रुपये के कर्ज में डूब गया। परिवार से उसकी अनबन हुई तो वह घर छोड़कर चला गया। देनदारी से छुटकारा पाने के लिये उसने अपने दो साथियों के साथ लूटपाट का प्लान बनाया। उसने चंद्रशेखर गुप्ता के मकान को टारगेट किया। इसी प्लानिंग के तहत शनिवार सुबह पौने नौ बजे सचिन ने रिया को नए नंबर से फोन कर शास्त्रीनगर में चंद्रशेखर के घर बुलाया था।
एक-एक कर तीनों को मार डाला
आरोपियों को उम्मीद थी कि चंद्रशेखर के घर में लाखों रुपये की नकदी और जेवरात मिलेंगे। आरोपियों ने सेक्स करने के बाद मकान में लूटपाट शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने पहले रिया को मारा। इसके बाद चाकू से पूनम गुप्ता की गर्दन रेतकर मौत के घाट उतार दिया। चीख-पुकार मची तो चंद्रशेखर भी अंदर पहुंचे, जहां आरोपियों ने उसे भी मारा डाला।
अलमारी में मिले थे खून के धब्बे
घटनास्थल पर जांच करने के लिये फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट और डॉग स्क्वायड को बुलाया गया था। चंद्रशेखर गुप्ता के मकान में रखी अलमारी खुली हुई थी, जिसमें खून के निशान मिले। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि हुई है। इससे स्पष्ट होता है कि कातिलों ने मकान में लूट भी की। हालांकि, इस बात का खुलासा अभी बाकी है कि लूट में कितना सामान कातिल ले गए।
सचिन और उसके दोस्तों की तलाश
पुलिस ने बृहस्पतिवार को दिनभर माधवपुरम और आसपास के इलाके में सचिन सक्सेना और उसके दो दोस्तों की तलाश की। शाम ढलते ही सादी वर्दी में माधवपुरम को छावनी में तब्दील कर दिया गया। चप्पे चप्पे पर पुलिस का पहरा था। पुलिस ने सचिन के परिवार के एक सदस्य को पूरा घटनाक्रम बताया। इस दौरान उससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश में रिश्तेदारों और अन्य संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
17 दिन से सचिन नहीं आया
सचिन की बहन ज्योति ने बताया कि उनके पिता टॉफी बनाने का काम करते हैं। सचिन छह बहन-भाइयों में सबसे छोटा है। उसने लाखों रुपये का कर्ज कर लिया है। 17 दिन से वह घर नहीं आया। ज्योति ने बताया कि उसे और परिजनों को इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। लेकिन, सचिन इतनी बड़ी वारदात नहीं कर सकता। वारदात में सचिन का नाम आया तो पूरा परिवार दहशत में आया गया।