शहर में डकैती, लूट और हत्याओं का सिलसिला जारी है। पुलिस अफसर क्राइम कंट्रोल करने का प्लान तैयार करते हैं। इसे लागू करने से पहले ही एक और वारदात हो जाती है। पुलिस कस्टडी से शातिर लुटेरे के भागने पर आईजी और डीआईजी ने नाराजगी जताई है। एसएसपी ने हवालात पर ड्यूटी लगाने वाले चार सिपाहियों समेत सात सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया है।
एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि कचहरी से पुलिस की लापरवाही के चलते मुल्जिम भागा है। शातिर लुटेरा था, बावजूद पुलिस गंभीर नहीं थी। हवालात पर ड्यूटी लगाने का तरीका ठीक नहीं था। जांच कराई गई तो हवालात से लेकर मुल्जिम को ले जाने वाले सिपाहियों की कार्यशैली पर सवाल उठे। मुल्जिम भागना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। जिसको देखते हुए हवालात के कांस्टेबल संजीव कुमार, नदीम खान, प्रमोद कुमार, प्रवीण कुमार और मुल्जिम को ले जाने वाले हैड कांस्टेबल सिपाही ओमवीर सिंह, सिपाही भोपाल सिंह और एक महिला कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है।
जांच के नाम पर खानापूर्ति?
शासन से सख्त निर्देश है कि कोई भी अफसर घटनास्थल पर सादी वर्दी में नहीं जाएगा। इसके बावजूद भी मुल्जिम के भागने के 45 मिनट बाद एएसपी सिद्धार्थ मीणा सादी वर्दी में जांच करने कचहरी पहुंचे। एसपी सिटी ओमप्रकाश यादव डेढ़ घंटे बाद जांच करने कचहरी गए। मुल्जिम भागने के बाद कोई अधिकारी गंभीर नहीं था। आईजी, डीआईजी और एसएसपी वायरलेस सेट पर बोले, तब जाकर पुलिस की नींद टूटी।
महिला कांस्टेबल की क्या गलती
शातिर लुटेरे कपिल के साथ उसका साथी मोहित मलिक, आस मोहम्मद, विजय, पप्पू भी था। लुटेरों को पेशी करने में महिला कांस्टेबल को क्यों लगाया गया। इसका जवाब किसी के पास नहीं है। मुल्जिम भागने में उसको भी सस्पेंड किया गया। हालांकि एसएसपी ने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी।