कुर्बानी के अवशेष घर से बाहर फेंकने को लेकर लालकुर्ती और सदर बाजार इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया। लोगों ने गली में अवशेष और खून देखकर विरोध और हंगामा खड़ा कर दिया। दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति काबू में की। तनाव को देखते हुए दोनों जगह पुलिस फोर्स तैनात की गई है।
लालकुर्ती थाना क्षेत्र में रामा संकीर्तन स्थल के पास कसाई वाली गली में शालू पुत्र हसीन रविवार सुबह करीब 6:30 बजे घर के अंदर भैंसें की कुर्बानी दे रहा था। इस दौरान उसका धड़ कटकर गली में जा गिरा। सुबह-सुबह यह वीभत्स दृश्य देखकर आसपास के दूसरे लोगों ने इकट्ठा होकर इसका विरोध जताना शुरू कर दिया। लोगों का विरोध और हंगामा देखकर शालू और उसके परिजन घर से भाग गए। लोगों ने शालू के घर के बाहर हंगामा करते हुए इस तरह कुर्बानी को लेकर विरोध जताना शुरू किया तो दूसरे समुदाय के लोग भी वहां जमा होने शुरू हो गए। देखते ही देखते दोनों समुदायों के लोगों के आमने-सामने आने से तनाव फैलना शुरू हो गया।
उधर, घटना की सूचना पुलिस महकमे को मिली तो हड़कंप मच गया। एसओ लालकुर्ती प्रदीप त्रिपाठी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने विरोध कर रहे लोगों को समझाकर मामला शांत कराया। थानाध्यक्ष ने बताया कि घर में दी जा रही कुर्बानी के अवशेष बाहर आने पर कुछ लोगों ने विरोध किया था। जिन्हें समझाकर शांत करा दिया गया। कुर्बानी देेने वाले घर से फरार हो गए थे।
सदर रविंद्रपुरी में भी हुआ हंगामा
वहीं, सदर थाना क्षेत्र के सोतीगंज रविंद्रपुरी निवासी आमिर नाम के कबाड़ी द्वारा घर के बाहर कुर्बानी देने को लेकर क्षेत्रीय नागरिकों ने विरोध और हंगामा कर दिया। दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आने पर सांप्रदायिक तनाव फैल गया। सूचना पर इंस्पेक्टर सदर बाजार गजेंद्र पाल सिंह मौके पर पहुंचे और सड़क पर पड़े अवशेष और खून को साफ कराकर मामला शांत कराया। इंस्पेक्टर ने बताया कि सड़क पर कुर्बानी को लेकर विरोध हुआ, जिसे शांत करा दिया गया था।
शहर में उड़ती रहीं अफवाहें
लालकुर्ती और सदर में कुर्बानी के अवशेष सड़क पर फेंकने को लेकर शहर में अफवाहों का दौर रहा। किसी ने अफवाह फैला दी कि लालकुर्ती में मंदिर के सामने भैंस काट दी गई। सदर में भी सड़क पर कुर्बानी दी जा रही है। शहर के लोग एक-दूसरे से मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के जरिये सही बात जानने की कोशिश करते रहे। उस समय तीरगरान से श्रीजी की शोभायात्रा भी निकल रही थी। जिसको देखते हुए मिश्रित आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई। पुलिस अफसरों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देकर शांति बनाए रखने की अपील की।