फफूंडा-पीपलीखेड़ा संपर्क मार्ग पर करीब नौ माह पहले युवती का गला कटा शव मिला था। उसकी शिनाख्त दो दिन बाद लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के श्यामनगर निवासी जायदा पुत्री नसरूद्दीन के रूप में हुई थी। जिसमें अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने शनिवार को खुलासा किया कि युवती की हत्या पिता ने चालचलन ठीक नहीं होने की वजह से की तथा शव यहां फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी पिता को जेल भेज दिया है।
थानाध्यक्ष पीयूष दीक्षित ने बताया कि गांव फफूंडा स्थिति पीपलीखेड़ा सपंर्क मार्ग स्थित जयकरण के ईंट भट्ठे के सामने फफूंडा निवासी संजीव के खेत में 21 मई 2015 को युवती का लहूलुहान शव मिला था। लेबर ने इसकी जानकारी भट्ठा स्वामी को दी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस शव की शिनाख्त नहीं करा सकी थी। इस पर मामला अज्ञात में दर्ज कराया था।
इसके दो दिन बाद ही थाना लिसाड़ी गेट क्षेत्र के श्यामनगर निवासी रिक्शा चालक नसरूद्दीन पुत्र मेहरबान ने शव की शिनाख्त अपनी बेटी जाहिदा (17) के रूप में की थी। पुलिस ने बताया कि नसरूद्दीन के तीन बेटी और चार बेटे हैं। जाहिदा दूसरे नंबर की थी, उसका चालचलन ठीक नहीं था। वह पांच बार घर से भाग चुकी थी। उसे शराब और अन्य नशे की लत थी। जिससे उसकी बड़ी बेटी के रिश्ते में दिक्कत आ रही थी।
नसरूद्दीन का एक बेटा चोरी के आरोप में 10 अप्रैल 2015 को जेल चला गया गया। 20 मई 2015 को उसकी पत्नी बच्चों के साथ बड़ी बेटी का रिश्ता लेकर अपने पिता कल्लू पुत्र शहीजुद्दीन निवासी बड़ौत के यहां गए हुए थे। घर में नसरूद्दीन मौजूद था। इस दौरान पुत्री जाहिदा सजधज कर नशे की हालत में घर पहुंची। नसरूद्दीन ने उसे धमकाया तथा ऐसा न करने की नसीहत दी। इसका जाहिदा ने विरोध किया।
इससे गुस्साए नसरूद्दीन ने चाकू से जाहिदा की गला काटकर हत्या कर दी। उसने पूरी रात शव घर में ही रखा। 21 मई को तड़के करीब तीन बजे शव को रिक्शा में रखकर पीपलीखेड़ा मार्ग स्थित खेत में फेंक दिया। वहीं, खून से सनी बेड शीट और चाकू को लोहियानगर स्थित नाले में फेंक दिया। समाचार पत्रों में फोटो समेत समाचार प्रकाशित होने पर रिश्तेदारों तथा जानकारों के फोन आए तो उसे शिनाख्त करने आना पड़ा। थानाध्यक्ष पीयूष दीक्षित ने बताया कि नसरूद्दीन को जेल भेज दिया है।