मुजफ्फरनगर में गांव बसेड़ा के श्मशान घाट में बने कमरे में स्थित धूने की आग में जलकर साधु की मौत हो गई। साधु करीब एक साल से श्मशान में बने कमरे में रह रहा था, जिसके पते-ठिकाने की जानकारी नहीं मिल सकी है। श्मशान घाट में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
थाना क्षेत्र के गांव बसेड़ा के श्मशान घाट में बने कमरे में करीब एक साल से करीब 36 वर्षीय साधु आकर रहने लगा था। साधु ने उक्त कमरे में डेरा जमाते हुए उसी में रहने-सोने का साधन करते हुए कमरे में ही धूना भी बना लिया। मंगलवार रात भी साधु श्मशान घाट में बने उसी कमरे में सोया था, लेकिन बुधवार सुबह वह देर तक भी कमरे से बाहर नहीं निकला। शक होने पर कुछ ग्रामीणों ने कमरे का दरवाजा खोला तो अंदर साधु की बुरी तरह से जली लाश पड़ी मिली। साधु की जलने से मौत की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल की। लाश को कब्जे में लेकर उसकी पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन उसका नाम बालकनाथ होने के अलावा उसकी और को शनाख्त नहीं हो सकी। साधु के पास से ऐसा कोई कागजात भी नहीं मिला, जिससे उसकी पहचान हो सके। शव के पास ही शराब की एक खाली बोतल भी पड़ी मिली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।