इस मामले में संगीता पत्नी सियानंद, सियानंद पुत्र धर्मपाल, टिंकू उर्फ रविंद्र पुत्र जगदीश, पूजा पत्नी टिंकू उर्फ रविंद्र और धर्मवीर पुत्र चेतराम निवासी ग्राम राली चौहान के खिलाफ तांत्रिक विद्या कर बच्चे की बलि दी गई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जांच कर पांचों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सरकारी मुकेश मित्तल व वादी के अधिवक्ता विनोद काजीपुर ने अनिल, राखी, महेश, संतराम, सुभाष सहित अनेक गवाह पेश किये। जिनके बयानों के आधार पर एडीजे-7 रत्नेशमणि त्रिपाठी की अदालत ने संगीता, सियानंद, टिंकू उर्फ रविंद्र, पूजा और धर्मवीर को अपहरण कर हत्या करने का दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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