जामिया के छात्रों सद्दाम और बाबर के हत्यारोपी मौलाना अय्यूब को मुंडाली पुलिस ने रविवार को जेल भेज दिया। दूसरे हत्यारोपी टेंपो चालक हैदर की तलाश में क्राइम ब्रांच और मुंडाली पुलिस ने दबिश दी। लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा। इंस्पेक्टर मुंडाली अजब सिंह के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों छात्रों की हत्या गला घोंटकर करना सामने आया है।
शव पहुंचे तो मचा कोहराम
पोस्टमार्टम के बाद शनिवार रात दोनों छात्रों के शव जिसौरा पहुंचने पर परिजनों और गांव में कोहराम मच गया। गांव के अधिकांश घरों में चूल्हे भी नही जले। शनिवार रात ही दोनों शवों को फोर्स की मौजूदगी में सुपुर्द-ए- खाक किया गया। इस दौरान सीओ कोतवाली रणविजय सिंह, सीओ किठौर विनोद सिरोही, छह थाना प्रभारी, गांव के मुज्जमिल, नियाज मोहम्मद, इरफान राधना, नौशाद, नौशेर, अकरम प्रधान, रमेश चंद, बलजोरा आदि मौजूद रहे।
नोएडा ट्रांसफर हो सकता है केस
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार इस केस में नोएडा पुलिस की भी लापरवाही कम नहीं रही। दोनों छात्रों की हत्या नोएडा में हुई। हत्यारोपी अय्यूब और उसका साथी हैदर दोनों शवों को ऑटो में रखकर 30 किमी दूर डासना नहर तक पहुंच गए और पुलिस को भनक नहीं लगी। मेरठ पुलिस का कहना है कि यह केस नोएडा भी ट्रांसफर किया जा सकता है।
एक युवती से संबंध को लेकर छात्रों की हत्या की गई थी। उसके बाद हत्यारोपी छात्रों के परिजनों से फिरौती वसूलना चाहते थे। हत्यारोपी हैदर की तलाश में मुंडाली पुलिस और क्राइम ब्रांच को लगाया गया है। -जे. रविंदर गौड़, एसएसपी