मेरठ के एक शेयर ब्रोकर परिवार के साथ रुद्रपुर के होटल में दर्दनाक वारदात हो गई। होटल के कमरे में पत्नी, बेटी का शव और पति बाथरूम में बेहोश मिला। पुलिस का कहना है कि जहर खाने से तीनों की हालत बिगड़ी है, जिसमें मां बेटी की मौत हो गई। इस वारदात की जानकारी पर मेरठ से उनके परिजन रुद्रपुर रवाना हो गए।
मेडिकल थानाक्षेत्र के जागृति विहार सेक्टर-6 निवासी पंकज चौहान (41) अपनी पत्नी मृदुला चौहान (36) और बेटी वरन्या (11) के साथ गुड़गांव जाने की बात कहकर घर से गए थे। दंपति शेयर ब्रोकर है। 30 अक्टूबर को दंपति ने रुद्रपुर के नैनीताल रोड स्थित होटल रिवेरा की तीसरी मंजिल पर कमरा नंबर 201 बुक कराया था।
मंगलवार सुबह होटल कर्मियों ने कमरे का दरवाजा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिला। होटल रिसेप्शनिस्ट भगवती प्रसाद शाह की सूचना पर आदर्श कॉलोनी चौकी इंचार्ज डीआर टम्टा ने दूसरी चाबी से कमरे का दरवाजा खोला।
जहां बेड पर मां-बेटी के शव पड़े थे। दोनों शवों के आंख, मुंह और कानों से खून बहकर बिस्तर में फैला था।
पूरा कमरा कीटनाशक की बदबू से भरा था, जबकि महिला का पति पंकज बाथरूम में बेहोश पड़ा था। पुलिस ने उसको जिला अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही सीओ बीएस चौहान, प्रशिक्षु आईएएस मनुज गोयल और ट्रांजिट कैंप एसओ सुशील कुमार ने शवों का मुआयना किया। कमरे से मिले कागज में लिखे मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया गया। तब जाकर उनकी पहचान हुई।
फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. दयाल शरण ने टीम के साथ कमरे में पहुंचकर आवश्यक सुबूत जुटाए। देर शाम हालत बिगड़ने पर पंकज को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि कमरे में जहर की बोतल मिलने की वजह से संभावना है कि तीनों ने इसे पीया है। पंकज के होश में आने पर मामले की सही जानकारी होगी।
चार लाख के चेक, चाकू और रस्सी मिले
होटल रिवेरा के कमरा नंबर 201 में तलाशी के दौरान पुलिस को डोंगल लगा लैपटॉप, दो मोबाइल, चाकू, रस्सी और करीब चार लाख रुपये के सिंडिकेट बैंक के चेक मिले, जो किसी उमा चौहान के नाम पर काटे गए थे। डोंगल लगा हुआ लैपटॉप खुला हुआ था। अंदेशा है कि मानसिक तनाव से ग्रस्त पंकज ने परिवार को खत्म करने की योजना पहले से ही तैयार कर ली होगी।
गुड़गांव जाने के लिए घर से निकला था परिवार
घटना की सूचना मिलते ही पंकज के पिता सत्येंद्र सिंह और भाई कर्नल नीरज चौहान देर शाम जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पूरे वाक्ये की जानकारी एसओ सुशील कुमार से ली। नीरज ने बताया कि पंकज बीते शुक्रवार को गुड़गांव जाने के लिए परिवार के साथ घर से निकला था, पता नहीं यहां कैसे पहुंच गया। उन्होंने बताया कि पति और पत्नी शेयर मार्केट का कारोबार करते थे। उनकी बेटी एमपीजीएस में कक्षा छठवीं का छात्रा थी। पंकज को कारोबार मेें कितना घाटा हुआ इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
पहचान छिपाने की भी कोशिश
शेयर ब्रोकर पंकज ने होटल में ठहरते समय पहचान छिपाने की कोशिश भी की थी। उसने पत्नी का जो आईकार्ड की कापी जमा कराई, उसमें पति का नाम साहब सिंह राणा लिखा हुआ था। संदेह हो रहा है कि जमा की गई वोटर कार्ड की कापी फर्जी तो नहीं है। आखिर पंकज ने ऐसा क्यों किया, यह उसके होश में आने के बाद ही पता चल सकेगा।
शाम को पकौड़े और रात में मंगाया था डिनर
होटल रिवेरा में बेटी के साथ ठहरे दंपति ने सोमवार शाम पकौड़े और चाय आर्डर की थी। होटल कर्मी भीम ने बताया कि सोमवार रात पंकज ने दाल फ्राई, जीरा राइस, रोटी और कढ़ाई पनीर का आर्डर दिया था। लेकिन जब वेटर करीब साढ़े दस बजे आर्डर लेकर पहुंचा तो पंकज ने खाने के सामान कमरे के बाहर की रखवा दिया और खुद ले लेने की बात कही थी। लेकिन पंकज ने खाना नहीं लिया। सुबह वेटर कमरे के बाहर रखा खाना ले आया।
मां का हाल बेहाल, मकान पर तांता लगा
इस वारदात की जानकारी आसपास और रिश्तेदारों को हुई तो जागृति विहार में पंकज के मकान पर तांता लग गया। जहां पर अकेली पंकज की मां सरस्वती थी। मां सरस्वती बार बार अपने पुत्र और पुत्रवधू के बारे में लोगों से पूछती रही पर किसी ने उनकी जानकारी उनको नहीं बताई। महिलाएं पंकज की मां को ढांढस बांधने में लगी थी, सब कुछ ठीक है। आप चिंता मत करो।