जूही के ओ ब्लाक मारबल मार्केट में मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे चंदन कारोबारी रत्नेश गुप्ता के घर में बदमाशों के घुसे होने की सूचना पर तीन थानों की फोर्स ने उनका घर घेर लिया। दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस वालों ने संगीन तान दरवाजे का शीशा तोड़ डाला। इसके बाद घर में दाखिल हो गए। कोना-कोना देखा।
वहां न कोई संदिग्ध व्यक्ति मिला और न ही वस्तु। करीब एक घंटे बाद पुलिस वहां से खाली हाथ लौट गई। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाकाई लोगों में खलबली मच गई। पुुलिस का कहना है कि कारोबारी के घर में बदमाशों के धावा बोलने की खबर मिली थी। इस पर फोर्स वहां गया था लेकिन सूचना कोरी साबित हुई।
देर रात एसओ नीरज यादव का कहना है कि रत्नेश को किसी मामले में लखनऊ की एक्साइज टीम अपने साथ ले गई। जब टीम रत्नेश के घर में गई थी तभी मीडिया के एक शख्स के उन्हें कारोबारी के घर में बदमाशों के घुसे होने सूचना दे दी।
चंदन कारोबारी के घर जूही एसओ फोर्स के साथ पहुंचे। घर का दरवाजा खुलवाने की कोशिश की। महिलाओं के दरवाजा नहीं खोलने पर पुलिस को लगा कि शायद बदमाश भीतर हैं और परिवार वालों को गन प्वाइंट पर ले रखा है। इस पर एसओ ने किदवई नगर और बाबूपुरवा थाने का फोर्स बुला लिया।
तीनों थानों का फोर्स पहुंचने के बाद पुलिस वालों ने रत्नेश का घर घेरकर असलहे तान दिए। हथियारों से लैस कुछ पुलिस वाले रत्नेश के मकान से सटे घर की छत पर पहुंच गए। पुलिस की चहलकदमी से घर में मौजूद महिलाएं डर गई। बदमाशों के महिलाओं को गन प्वाइंट पर लेने की आशंका के चलते पुलिस वालों ने घर के दरवाजा का शीशा रायफल की बट से तोड़ डाला। इसके बाद एक सिपाही ने हाथ डालकर दरवाजा खोला।
इसके बाद असलहाधारी पुलिस वाले घर में दाखिल हुए। वहीं रत्नेश की पत्नी शालिनी और उनकी बेटियों सोनाक्षी और डिंपल का कहना था कि कुछ लोग जबरन गेट से भीतर घुसने का प्रयास कर रहे थे। वे चाहती थी कि घर का कोई पुरुष आ जाए तभी पुलिस वाले भीतर आए। जूही एसओ के मुताबिक बदमाशों के भीतर होने की आशंका के चलते रत्नेश के घर के दरवाजे का शीशा तोड़ गया है। महिलाओं के दरवाजा न खोलने पर इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं था।