घर के पास ही नमाज पढ़ने गए लोहा कारोबारी के बेटे का मौलवी ने अपहरण कर लिया। वारदात लिसाड़ी गेट थाना अंतर्गत जाकिर कॉलोनी में सोमवार शाम हुई। पुलिस ने एक फोन कॉल के आधार पर किठौर में दबिश देकर बेटे को सुरक्षित बरामद कर लिया। अपहरणकर्ता मौलवी को भी गिरफ्तार कर लिया।
लिसाड़ी गेट पुलिस के अनुसार जाकिर कॉलोनी निवासी अब्दुल आहद पटना में लोहा कारोबारी है। उसका 10 साल का बेटा अबूजर कक्षा दो का छात्र है। दादा इरफान ने बताया कि सोमवार शाम करीब पांच बजे अबूजर पास की मस्जिद में नमाज पढ़ने गया था, लेकिन घर नहीं लौटा।
रात नौ बजे उसके पिता के मोबाइल फोन पर मिस्ड कॉल आयी थी। रात 11 बजे उन्होंने कॉल बैक की तो कॉल रिसीव करने वाले ने बताया कि वह किठौर से शान-ए-आलम बोल रहा है। रात नौ बजे वह हेयर कटिंग करा रहा था। तभी वहां आए एक व्यक्ति ने खुद को मौलवी बताते हुए कहा कि उसकी मोबाइल फोन की बैटरी खत्म हो गई है।
उसने इमरजेंसी बताकर उसका मोबाइल फोन लेकर कॉल की थी।
परिजनों को शक हुआ उन्होंने शान-ए-आलम को अपना बच्चा गायब होने की बात बताई । उसने बताया कि कॉल करने वाले व्यक्ति के साथ एक बच्चा भी था। उसने बच्चे की पहचान बताई तो वह बिल्कुल अबूजर जैसी थी। इसके बाद परिजनों ने लिसाड़ी गेट थाने पहुंचकर अबूजर के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस को उक्त मोबाइल नंबर भी दे दिया।
परिजन और पुलिस उस नंबर पर रात भर बात करती रही। मंगलवार सुबह सात बजे पुलिस परिजनों के साथ किठौर जाने की तैयारी में थी कि उसी नंबर से उनके मोबाइल पर कॉल आई कि अबूजर मिल गया है। उसे उठाकर लाने वाले व्यक्ति को भी उन्होंने पकड़ लिया है।
इसके बाद लिसाड़ी गेट थाना पुलिस परिजनों के साथ किठौर थाने पहुंची और अबूजर को बरामद कर लिया। एसओ लिसाड़ी गेट रवेंद्र सिंह ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी शाकिर पुत्र नूर मोहम्मद निवासी ललियाना किठौर है। खुद को मौलवी होने का दावा कर रहा है। पूछताछ में शाकिर ने बताया कि वह तो बच्चे को अपने साथ घुमाने लाया था। मंगलवार को उसे उसके घर छोड़ने जा रहा था।
रात को विलेन, सुबह हीरो बना शान
छात्र अबूजर को उनके परिजनों तक पहुंचाने में किठौर निवासी शान-ए-आलम का अहम रोल रहा। उसके मोबाइल से हुई कॉल से सोमवार रात तक वह विलेन बना था। पुलिस और परिजन उसी पर शक कर रहे थे। लेकिन मंगलवार को बच्चे की बरामदगी के बाद वह हीरो बन गया।
शान ने बताया कि उसके मोबाइल से बच्चे के परिजनों को कॉल क्या हो गई। वे उस पर ही शक करने लगे। रात भर परिजन और रिश्तेदार फोन करके अपने बेटे को लौटाने की बातें करते रहे। वह और उसके परिजन रात भर उन्हें सच्चाई बताते रहे। लेकिन वे बार-बार बच्चे को देने की बात करते। शायद पुलिस भी उसके रिश्तेदार बताकर उनसे बात करती रही। उनका परिवार बेहद टेंशन में आ गया। वह समझ गए कि यदि बच्चा नहीं मिला तो आफत उन्हीं पर आनी है। पुलिस उन्हें ही पकडेे़ेगी। इसलिए रात भर मस्जिदों में बच्चे के बारे में एलान कराए। बच्चे को लाने वाले विकलांग युवक और बच्चे की पहचान बताकर लोगों से उसे तलाशने की अपील की। सुबह अपहरणकर्ता बच्चे को श्यामपुर रोड पर लाता हुआ नजर आया तो उसे दबोच लिया।
‘खाना मांगा तो मिली धमकी’
मेरठ। अबूजर ने बताया कि सोमवार शाम जब वह मस्जिद में नमाज पढ़कर बाहर आ रहा था तो एक व्यक्ति ने उससे बात करते-करते सड़क पर एक ऑटो में हाथ पकड़कर बिठा लिया। उसने कोई कपड़ा सुंघाया। उसे चक्कर आने लगे। रात को उसे एक कमरे में हाथ पैर बांधकर डाल दिया। मुंह पर कपड़ा बांधा। उसे रात भर भूखा-प्यासा रखा। मंगलवार तड़के कमरे की खिड़की से उसे दिखा कि बाहर बरामदे में बच्चे बैठे खाना खा रहे थे। ऐसा लग रहा था कि वह कोई मदरसा था। बच्चों को खाना खाते देख उसने खाना मांगा तो उस व्यक्ति ने उसे धमकाते हुए कहा कि आवाज की तो तुझे काटकर नाले में फेंक दूंगा। जब वह उसके हाथ पैर खेलकर ले जाने लगा तो भी उसने उससे यही बात की जिससे वह डर गया और चुपचाप उसके साथ चलता रहा।