शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में बीती 20 अप्रैल को हुए चाट विक्रेता मोहित सैनी मर्डर केस का सोमवार को खुलासा हो गया। पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी मोनू का दावा कि मोहित की पिटाई से उसकी पत्नी का गर्भपात हो गया था। खून का बदला लेने की खातिर उसने मोहित की हत्या की।
एसएसपी डीसी दूबे ने सोमवार दोपहर आयोजित प्रेसवार्ता में इस केस के आरोपियों मोनू अग्रवाल उर्फ नितिन गोयल उर्फ वीनू निवासी शास्त्रीनगर सेक्टर-3, आकांशु गोयल, अनुज उर्फ शुभम, बिट्टू उर्फ निखिल कौशिक और गोल्डी उर्फ अमित गोयल निवासी इंदिरानगर, ब्रह्मपुरी को पेश किया। एसएसपी ने बताया कि मोहित ने आरोपी मोनू से दो साल पहले 15 हजार रुपये ब्याज पर लिए थे। मोनू जब भी उसे पैसे मांगने के लिए फोन करता तो मोहित खुद को मेरठ से बाहर बताता था।
एक साल पहले मोनू अपनी पत्नी के साथ मोहित के घर पहुंच गया। जहां पर मोनू उसको मिला। मोहित के बार- बार झूठ बोलने और पैसा न देने पर दोनों में मारपीट हो गई। इस दौरान मोहित ने मोनू और उसकी पत्नी की पिटाई कर दी थी। प्रेसवार्ता में मोनू ने बताया कि मारपीट के कारण उसकी पत्नी का गर्भपात हो गया था। तभी से वह मोहित से रंजिश रखने लगा था। वारदात वाले दिन मोनू अपने चारों दोस्तों के साथ सेंट्रल मार्केट पहुंचा और उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।
ब्रह्मपुरी में चलती दादागिरी
दो साल से मोनू शास्त्रीनगर से ज्यादा ब्रह्मपुरी में रहता था। ब्रह्मपुरी के आवारा युवकों से उसकी दोस्ती हो गई थी। नशे के कैप्सूल खाकर शाम ढलते दादागिरी और युवतियों से छेड़छाड़ करने की उनकी आदत बन चुकी थी। मोहित से बदला लेने की खातिर उसने ब्रह्मपुरी के युवकों को साथ लिया।
वारदात के बाद अलग-अलग भागे
पुलिस ने बताया कि मोहित की हत्या के बाद पांचों आरोपी अलग-अलग भागे थे। बिट्टू और आकांशू को पुलिस ने दो दिन पहले ही पकड़ लिया था। मोनू की तलाश में पुलिस की लगातार दबिश जारी थी। रविवार देर रात पुलिस ने मोनू को पकड़ा। उसकी निशानदेही पर अन्य दो आरोपी अनुज और गोल्डी को पकड़ा।
बहुत शातिर है मोनू
क्राइम ब्रांच प्रभारी संजीव यादव ने बताया कि हत्यारोपी मोनू बहुत शातिर है। शास्त्रीनगर में बंगाल स्वीट्स के मालिक की हत्या के आरोपी अजय केडी से उसकी दोस्ती है। मोनू और केडी की दोस्ती की बात स्थानीय लोगों को भी पता है। पत्नी की बेइज्जती का बदला लेने के लिए मोनू ने मोहित को मारा।