फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मिस्ट्री बना मोहित मदान हत्याकांड, राज भी दफन

Fri, 07 Jun 2019 04:24 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
मोहित मदान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
 शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में किराना व्यापारी मोहित मदान की मौत का राज पुलिस की जांच में दफन हो गया। इसे डकैती के बाद हत्या बताकर व्यापारियों ने अधिकारियों को घेरा था। पुलिस ने भी शुरुआती जांच हत्या के एंगल पर की। लेकिन विवेचक ने अब एफएसएल जांच रिपोर्ट के आधार पर इसे आत्महत्या बताकर फाइनल रिपोर्ट (एफआर) कोर्ट में भेज दी। हालांकि अभी भी वही सवाल सामने हैं, जिनका ठोस जवाब पुलिस के पास नहीं है।
विज्ञापन

यह था क्राइम सीन
सेंट्रल मार्केट के पास शास्त्रीनगर निवासी मोहित मदान (38) अपने पिता मनोहर लाल मदान के साथ भगत सिंह मार्केट में किराना की दुकान चलाते थे। 24 फरवरी 2019 की शाम 5:15 बजे से 6:30 बजे के बीच मोहित की हत्या कर दी गई थी। घटना के समय मोहित की शिक्षिका पत्नी शिखा स्कूल के टूर से गोवा से मेरठ लौट रही थीं। दोनों बेटे गढ़ रोड पर कोचिंग के लिए गए थे। मोहित की मां चंचल शाम करीब 5:15 बजे सब्जी खरीदने गई थीं तो पिता किराना स्टोर पर थे। मोहित उस समय घर पर अकेले थे। चंचल जब शाम साढ़े छह बजे घर लौटीं तो उन्हें घर का मेन गेट खुला मिला। जब वह दूसरी मंजिल पर कमरे में पहुंचीं तो सेफ खुली थी। चोरी का शोर मचने पर आसपास के व्यापारी और पुलिस पहुंची। करीब आधा घंटे की छानबीन के बाद मोहित का शव दूसरी मंजिल पर ही स्टोर रूम में लटका मिला था। मोहित के दोनों हाथ बंधे थे। मुंह में कपड़ा ठुंसा था और टेप चिपकी हुई थी। सेफ का लॉकर खुला था, जिसमें नगदी और ज्वेलरी गायब थी।
लूट के बाद हत्या में दर्ज था केस
डकैती के बाद हत्या की जानकारी पर भाजपा नेताओं, संयुक्त व्यापार संघ के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाकर हंगामा किया था। एसएसपी नितिन तिवारी को घेरकर खुलासे की मांग की थी। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने लूट के बाद हत्या की धारा में अज्ञात में केस दर्ज किया था। एसओ नौचंदी रामकुमार और सीओ को हटाया गया था।
विज्ञापन

परिजन थ्योरी से सहमत नहीं
मोहित के परिजन पुलिस की थ्योरी से सहमत नहीं हैं। मोहित की पत्नी शिखा ने पूर्व में भी कहा था कि उनके पति आत्महत्या नहीं कर सकते थे। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मोहित के चेहरे पर चोट लगी होने की बात पुलिस ने कही थी। बताया था कि जबड़े पर भी किसी भारी वस्तु से प्रहार किया गया था।
जवाब मांगते सवाल
1. कोई शख्स अपने हाथ बांधकर खुद कैसे फांसी लगा सकता है, अपने मुंह पर टेप कैसे चिपका सकता है
2. घटना के दौरान कमरे में दो गिलास, प्लेट में नमकीन और मिठाई रखी मिली थी। मोहित घर पर अकेले थे तो फिर दूसरा शख्स कौन था।
3. घर का मेन गेट अंदर से बिना रिमोट के नहीं खुल सकता था। मोहित ने गेट किसके लिए खोला था। घर में कौन आया होगा।
4. घटना के बाद आसपास के लोगों ने मोहित के घर की तरफ से तीन-चार लोगों को निकलते देखा था, वो कौन थे, कोई पता नहीं चला।
5. आखिर पुलिस के सामने ऐसा कौन सा ठोस साक्ष्य या मजबूरी है कि पहले हत्या और अब आत्महत्या बताने लगी

यह बताया एफआर का आधार
1. फांसी का फंदा बनाया हुआ था। बदमाश हत्या के बाद व्यापारी को फांसी पर क्यों लटकाएंगे। ऐसा प्रतीत होता कि मोहित ने पहले से प्लान बनाकर फंदा लगाया हो
2. मेज पर रखा सामान अपनी जगह सुरक्षित था। हत्या होती तो छीनाझपटी में सामान भी इधर-उधर जरूर गिरता। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ।
3. लूट के दौरान गया मोहित का मोबाइल भी कई दिनों बाद कपड़े में लिपटा मिला। अगर बदमाश वारदात करते तो मोबाइल को कपड़े में लपेटकर क्यों रखते। घर से कोई सामान जाने की पुष्टि नहीं हुई।
4. बदमाश वारदात करते तो मोहित के शरीर पर चोट के निशान आते। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। परिजनों ने कोई रंजिश भी नहीं बताई।
5. मोहित ने सवा करोड़ का बीमा कराया था। घटना से कुछ दिन पहले मोहित ने बीमा राशि 20-25 लाख रुपये बढ़ाई थी। बीमा करने वाले के भी बयान हुए हैं।
व्यापारी ने खुद फांसी लगाई
इस केस की विवेचना पहले एसओ नौचंदी रामकुमार ने की। अब मैं कर रहा था। 29 मार्च 2019 को फोरेंसिक एक्सपर्ट ने घटनास्थल की फिर से जांच की थी। ज्वेलरी मोहित के घर में ही मिली थी। मोबाइल भी पुलिस ने घर से ही बरामद किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला कसना मौत का कारण आया था। व्यापारी ने खुद फांसी लगाई थी। नीरज सिंह, विवेचक/इंस्पेक्टर नौचंदी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें