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दरोगा के दो ऑडियो वायरल, सुसाइड नोट में लिखी ऐसी बात, फंस जाएंगे पुलिस के बड़े अफसर

Sat, 02 Feb 2019 02:12 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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पत्नी और बच्चे के साथ कुलदीप सिंह और साइड में साथियों के साथ सेल्फी लेते कुलदीप - फोटो : अमर उजाला
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फांसी लगाकर आत्महत्या करने से पहले उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह ने अपने मोबाइल फोन में दो ऑडियो रिकॉर्ड किए थे। एक बयान हिन्दी में तो दूसरा अंग्रेजी में है। दोनों ही ऑडियो में कुलदीप ने कहा कि मैं टूट चुका हूं। जब से पुलिस स्टेशन ज्वॉइन किया है, तभी से टार्चर हो रहा हूं। अब मेरे पास कोई रास्ता नहीं है। मैं आत्महत्या कर रहा हूं। मुझे दुख है कि मैं अपनी पत्नी और बच्चों के लिए कुछ नहीं कर सका। मेरे बाद मेरे बच्चों का ख्याल रखना।

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रिकॉर्ड किया गया ऑडियो पुलिस क्षेत्राधिकारी को संबोधित किया गया है। कुलदीप ने ऑडियो में रोते हुए कहा है कि उन्हें सिखाने की बजाय उन पर काम का बोझ डाल दिया गया। जब से पुलिस स्टेशन ज्वॉइन किया तभी से प्रताड़ित किया जा रहा है। मैं इतनी हिम्मत नहीं कर पा रहा हूं कि आपका सामना कर सकूं। मैं पूरी तरह से टूट चुका हूं। अब मुझे कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है।
  
ऑडियो में कहा कि शायद वह इस प्रोफेशन के लिए नहीं था। वह अच्छा लेखक है, अच्छा कवि है। 70 से अधिक कविताएं प्रकाशित भी हो चुकी हैं। बड़ी मुश्किल से नौकरी ली थी, लेकिन अपना सम्मान नहीं गिरा सकता। अब बच्चों का मोह भी मेरे आत्म सम्मान पर भारी पड़ रहा है। ऑडियो में कुलदीप ने कहा कि उसके बाद उसके परिवार के लिए कुछ ऐसी व्यवस्था कर देना, जिससे वह परेशान न हों। यह मेरा अंतिम स्टेटमेंट है।

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पुलिस व्यवस्था पर सवाल 
इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो, केवल इसीलिए ताकि कोई भी मेरे जैसा गलत कदम न उठाए। पुलिस व्यवस्था में सुधार आ जाए। पुलिस वाले घुट-घुटकर मर रहे हैं। जो पुलिसकर्मी पूर्व में मर चुके हैं, उनके परिवार से भी मेरी हमदर्दी है। 

सुसाइड नोट भी लिखकर छोड़ा था  
ऑडियो में कुलदीप कहता है कि लाल रजिस्टर में मैंने अपनी जीवनी लिखी है। उस रजिस्टर के आखिरी पन्ने पर सुसाइड नोट भी दो दिन पूर्व ही लिखा था। वह रजिस्टर एक सिपाही ने देख भी लिया था। कुलदीप ने बोला कि उसकी अलमारी में एक लाल रजिस्टर रखा है। जिसमें उसकी जीवनी लिखी है कि उसने कितना संघर्ष किया है। 

जांच कर रहे हैं
उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह की मौत के मामले में एसपी देहात जांच कर रहे हैं। अभी तक की जांच में ऑडियो रिकॉर्डिंग बयान के अनुसार मानसिक उत्पीड़न का आरोप सामने आया है। अन्य पुलिसकर्मी भी ड्यूटी कर रहे हैं। काम काफी होता है, लेकिन मानसिक उत्पीड़न के बारे में किसी पुलिसकर्मी ने शिकायत नहीं की। मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। - दिनेश कुमार, एसएसपी
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...छिन गई जाने क्यों मेरी आजादी 
दरोगा कुलदीप सिंह ने जो ऑडियो मैसेज परिजनों को भेजा। वह कुछ इस तरह है। आस लगाई जिनसे, उन्हीं ने रुसवा किया। प्यार के नाम पर महफिल में रुसवा किया। चांद सितारों की ख्वाहिश थी, लेकिन नसीब में कांटें ही थे। मेहनतकश बहुत थे, लेकिन यारों जिंदगी में फांकी ही थे। मैं जीतकर भी हारा और सारा जहां जीत गया। सुर्खियां बटोरती आज मेरी बर्बादी, छिन गई जाने क्यों मेरी आजादी। तरकस के तीर बुझ गए, शैय्या में मेरी कुंज गए। हौसले दरख्तों से झांकते गए, धूल जिंदगी की फांकते गए। झांक गए हम दीवारों से, हार गए इन सिपेहसलारों से। एसएचओ शब्दकोश का अंत यही है, रात में तारे नहीं हैं। बुझा-बुझा सा जीवन है, बर्बादी की झांकी अब तो यौवन है। अगर रुठे तो कैसे मनाऊं, बहुत है उनकी आबादी। सुर्खियां बटोरती मेरी बर्बादी, छिन गई जाने क्यों मेरी आजादी।

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