फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूरे देश में है इस खतरनाक गैंग का नेटवर्क, दिल्ली में बैठकर ऐसे पहुंचता है आपके बैंक अकाउंट तक

Sun, 12 May 2019 03:36 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
ठगी मामले में दो आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

मोबाइल के जरिये आपके बैंक खाते तक पहुंचने वाला टटलू गैंग दिल्ली से ऑपरेट हो रहा है। इस गैंग का नेटवर्क देश भर में फैला है, जो मोबाइल कॉल कर या आपका नंबर हैक कर आपका बैंक खाता साफ कर रहा है। भोपाल, महाराष्ट्र, देहरादून, मथुरा व पलवल समेत कई राज्यों में इन ठगों की गुंडागर्दी चलती है। दबिश के दौरान पुलिस पर हमला तक कर देते हैं। मोबाइल कंपनी से भी इनकी साठगांठ की बात सामने आई। पुलिस का कहना है कि आपकी सावधानी ही आपको आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।

विज्ञापन


एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि 1.17 करोड़ की ठगी के मामले में गिरफ्तार गौरव व नितिन ने साइबर अपराध के बारे में बताया कि अब सब ऑनलाइन है। बैंक खाते में आधार कार्ड व मोबाइल नंबर अटैच है। बैंक की जानकारी ई-मेल या फिर एसएमएस के जरिये मोबाइल पर आती है, जिस पर साइबर अपराधियों की नजर होती है। खाता नंबर जानने और उसमें से पैसा निकालने का साइबर अपराधियों ने नया तरीका निकाला है। खाताधारक का रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर जुटाकर कंपनी में खराब या गुम होने की जानकारी देकर नया सिम लेते हैं। इस बीच जब तक खाताधारक अपने नंबर बंद होने की शिकायत कर दूसरा डुप्लीकेट सिम निकलवाता है, उसके बैंक की सारी डिटेल दूसरे हाथों में चली जाती है। कई मामलों में तो उसी दिन ही ओटीपी नंबर लेकर खाते से पैसा निकाल लेते हैं।

नंबर हैक, फर्जी खाता
एसएसपी के अनुसार साइबर अपराधी किसी भी नंबर को हैक कर लेते हैं। यही नहीं, साइबर अपराधी फर्जी खाता तक भी खुलवा लेते हैं। जिसमें अपना नंबर लिखवा देते है। जिसके जरिये अकाउंट की सारी डिटेल आपके मोबाइल पर ऑनलाइन आने लगती है। उसके बाद साइबर अपराधी मोबाइल में आने वाली डिटेल के जरिये खाते में आने वाले पैसे को निकाल लेता है। इसके बैंक व मोबाइल कंपनी की भी भूमिका बताई जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

बैंक की भूमिका पर उठ रहे सवाल
एसएसपी ने बताया कि 1.17 करोड़ की ठगी के मामले में बैंक की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित प्रवीण कुमार ने मोबाइल नंबर हैक होने की सूचना पुलिस और बैंक को दी थी। अंदेशा जताया था कि उनके खाते से धोखाधड़ी हो सकती है। इसके बावजूद भी बैंक अधिकारी अलर्ट नहीं हुए और साइबर अपराधियों ने उनके खाते से 1.17 करोड़ रुपये निकाल लिए। 

तुरंत करें शिकायत 
एसएसपी ने अपील की है कि साइबर अपराध से बचने के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। बैंक खाते से जुड़ी कोई सूचना किसी को फोन पर न दें। मोबाइल नंबर हैक होने या कोई मेसेज आने पर तुरंत पुलिस व बैंक अधिकारियों को सूचित करें। मोबाइल खराब होने या फिर मोबाइल को सर्विस पर देने से पहले बैंक से जुड़ीं जानकारियों को दूसरे मोबाइल में फारवर्ड कर लें।

नोट- इन खबरों के बारे अपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें