मोबाइल के जरिये आपके बैंक खाते तक पहुंचने वाला टटलू गैंग दिल्ली से ऑपरेट हो रहा है। इस गैंग का नेटवर्क देश भर में फैला है, जो मोबाइल कॉल कर या आपका नंबर हैक कर आपका बैंक खाता साफ कर रहा है। भोपाल, महाराष्ट्र, देहरादून, मथुरा व पलवल समेत कई राज्यों में इन ठगों की गुंडागर्दी चलती है। दबिश के दौरान पुलिस पर हमला तक कर देते हैं। मोबाइल कंपनी से भी इनकी साठगांठ की बात सामने आई। पुलिस का कहना है कि आपकी सावधानी ही आपको आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।
एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि 1.17 करोड़ की ठगी के मामले में गिरफ्तार गौरव व नितिन ने साइबर अपराध के बारे में बताया कि अब सब ऑनलाइन है। बैंक खाते में आधार कार्ड व मोबाइल नंबर अटैच है। बैंक की जानकारी ई-मेल या फिर एसएमएस के जरिये मोबाइल पर आती है, जिस पर साइबर अपराधियों की नजर होती है। खाता नंबर जानने और उसमें से पैसा निकालने का साइबर अपराधियों ने नया तरीका निकाला है। खाताधारक का रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर जुटाकर कंपनी में खराब या गुम होने की जानकारी देकर नया सिम लेते हैं। इस बीच जब तक खाताधारक अपने नंबर बंद होने की शिकायत कर दूसरा डुप्लीकेट सिम निकलवाता है, उसके बैंक की सारी डिटेल दूसरे हाथों में चली जाती है। कई मामलों में तो उसी दिन ही ओटीपी नंबर लेकर खाते से पैसा निकाल लेते हैं।
नंबर हैक, फर्जी खाता
एसएसपी के अनुसार साइबर अपराधी किसी भी नंबर को हैक कर लेते हैं। यही नहीं, साइबर अपराधी फर्जी खाता तक भी खुलवा लेते हैं। जिसमें अपना नंबर लिखवा देते है। जिसके जरिये अकाउंट की सारी डिटेल आपके मोबाइल पर ऑनलाइन आने लगती है। उसके बाद साइबर अपराधी मोबाइल में आने वाली डिटेल के जरिये खाते में आने वाले पैसे को निकाल लेता है। इसके बैंक व मोबाइल कंपनी की भी भूमिका बताई जा रही है।