शाम 4:15 बजे का समय था। घी, तेल और चीनी का थोक व्यापारी अंशुल जब किठौर से उगाही कर किला परीक्षितगढ़ सेंट्रो कार से वापस लौट रहे थे तो इनोवा गाड़ी द्वारा पीछा करने से वह सतर्क हो गए थे। अंदेशा हुआ कि गाड़ी में सवार बदमाश पीछे लगे हैं। गैस गोदाम के पास बदमाशों की गाड़ी उन्हें ओवरटेक करती, इससे पहले ही व्यापारी ने अपनी कार किठौर कस्बे की तरफ मोड़ने का प्रयास किया।
लेकिन उनकी और बदमाशों की गाड़ी आमने-सामने आ गई। तीन बदमाश गाड़ी से उतरे। कोई मौका न देते हुए एक बदमाश कार में रखा नोटों भरा बैग उठाने लगा तो दूसरे बदमाश ने मुंह में पिस्टल ठूंस दी। पल भर में बैग उठते ही बदमाश ने गोली चला दी। व्यापारी ने वहीं दम तोड़ दिया।
यह सनसनीखेज वारदात बताने के लिए काफी है कि बदमाश कितने बेखौफ हैं और पुलिस अपराध नियंत्रण के हवाई दावे कर रही है। फिल्मी अंदाज में लूट विद मर्डर की इस घटना के बाद दूसरे बदमाश ने जहां व्यापारी पर तीन गोलियां चलाई तो आसपास के लोगों को डराने के लिए कई राउंड हवाई फायरिंग भी की। बदमाश मौके से आसानी से फरार हो गए। इस बीच लोगों ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। तभी वहां पर पहुंचे एक व्यापारी ने अंशुल को पहचानकर उसके भाई मनोज को इसकी जानकारी दी। मनोज ने लोगों की मदद से अंशुल को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे मृत बताया गया।
मौत से हुआ आमना-सामना
यह वारदात किला रोड पर हुई। किठौर और शाहजहांपुर के व्यापारियों से उगाही करने के बाद व्यापारी वापस किला परीक्षितगढ़ लौट रहा था। किठौर-किला परीक्षितगढ़ मार्ग का कुछ हिस्सा सुनसान रहता है। इसलिए व्यापारी को जब इनोवा में बदमाशों के होने का अंदेशा हुआ तो आगे जाने के बजाए उसने बदमाशों से बचने के लिए कार वापस किठौर की तरफ मोड़ी। लेकिन समझ नहीं पाया कि कार मोड़ते ही उसका बदमाशों से आमना-सामना हो जाएगा। हैरानी की बात यह है कि जिस जगह वारदात हुई, वह आबादी वाला इलाका है। पास ही मंडप में बारात आई हुई थी। कुछ ही दूरी पर गैस गोदाम है। लेकिन बदमाशों ने व्यापारी को घेरकर घटना को अंजाम डाला।
चार बार की बदमाशों ने फायरिंग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बदमाशों ने मौका-ए-वारदात पर चार बार फायरिंग की। व्यापारी और बदमाशों की गाड़ी का जब आमना-सामना हुआ तो दोनों वाहन रुके हुए थे। इस दौरान पहली गोली बदमाशों ने अपनी गाड़ी से बैठे-बैठे ही व्यापारी की कार पर चलाई। जिसके बाद तीन बदमाश इनोवा गाड़ी से उतरे जबकि चौथा बदमाश गाड़ी स्टार्ट किए बैठा रहा। पल झपकते ही व्यापारी के पास पहुंचे इन बदमाशों में एक बदमाश बैग उठाने दौड़ा तो व्यापारी ने शोर मचाने के लिए मुंह खोला तो दूसरे ने व्यापारी के मुंह में पिस्टल ठूंस दी।
जबकि तीसरा बदमाश भी पिस्टल ताने खड़ा रहा। पहले बदमाश ने जैसे ही बैग उठाया तो दूसरे बदमाश ने गोली चला दी। फिर तीसरे बदमाश ने भी करीब चार गोलियां चलाईं। जिनमें से एक गोली व्यापारी के बाजू में लगी। वारदात के बाद जब आसपास के लोगों की भीड़ जुटी तो चौथी बार बदमाश हवाई फायरिंग करते हुए फरार हो गए।
मुंह में ठूंसकर क्यों मारी गोली
बदमाशों ने व्यापारी अंशुल के मुंह में पिस्टल ठूंसकर गोली क्यों मारी, इस बात को लेकर किठौर और किला परीक्षितगढ़ के व्यापारियों में चर्चा है। पुलिस भी इस प्वाइंट पर गहनता से जांच पड़ताल कर रही है। पुलिस का मानना है कि व्यापारी की हत्या के पीछे लूटपाट की वारदात के अलावा भी दूसरा मामला हो सकता है। यह भी माना जा रहा है कि संभवत: व्यापारी बदमाशों को पहचान गया था। इसलिए बदमाशों ने हत्या को अंजाम दिया। आसपास के लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है।