राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) में बृहस्पतिवार को सनसनीखेज वारदात हो गई। एक सिपाही ने अपनी सर्विस राइफल से प्रिंसिपल के सामने ही लैब असिस्टेंट की गोली मारकर हत्या कर दी। गोली की चपेट में आकर एक स्कूल का क्लर्क भी घायल हो गया। इस घटना से कॉलेज में अफरातफरी मच गई। कर्मचारियों ने घेराबंदी कर सिपाही को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। एसएसपी ने आरोपी सिपाही को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही उसे बर्खास्त करने की संस्तुति शासन को भेज दी गई।
कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र के जेवरी गांव निवासी नागेंद्र कुमार (50) पुत्र अमीचंद बेगम ब्रिज रोड स्थित जीआईसी में लैब असिस्टेंट थे। नागेंद्र बृहस्पतिवार दोपहर कॉलेज परिसर स्थित स्टाफ रूम में प्रिंसिपल से कागजों पर हस्ताक्षर करा रहे थे। पुलिस के मुताबिक कॉलेज में ड्यूटी पर तैनात सिपाही सतेंद्र कुमार और ऋषिपाल सिंह वहां पहुंचे। सतेंद्र नशे में धुत था और वह प्रिंसिपल से गालीगलौज करने लगा। इसका नागेंद्र ने विरोध किया तो सिपाही सतेंद्र वहां से चला गया।
एक मिनट बाद ही सतेंद्र अपनी सर्विस राइफल लेकर दोबारा स्टाफ रूम में घुस गया। सिपाही ने गालीगलौज की और फिर अपनी राइफल से गोली चला दी। एक गोली नागेंद्र का सीना चीरते हुए उनके पीछे खड़े हरिओम के पेट में जा घुसी। गोली चलाते ही सिपाही ऋषिपाल सिंह ने सतेंद्र के हाथ से राइफल छीन ली। हरिओम सिसौली स्थित पंडित रामस्वरूप दुर्गा हायर सेकेंडरी स्कूल में क्लर्क है, जो प्रिंसिपल फतेह चंद से हस्ताक्षर कराने आया था। बता दें कि प्रिंसिपल फतेह चंद सिसौली स्कूल के प्रबंधक भी हैं।
कर्मचारी नागेंद्र और हरिओम को नजदीकी एम प्रकाश अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने नागेंद्र को देखते ही मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर डीएम पंकज यादव, एसएसपी दिनेश चंद दुबे, एसपी सिटी ओपी सिंह आदि फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए।