बैंक कैशियर रिंकू की हत्या के मामले में पुलिस तीन आरोपियों को जेल भेज चुकी है, लेकिन हत्या की गुत्थी अभी भी अनसुलझी है। सोमवार को परिजनों ने एसएसपी ऑफिस पर पहुंचकर चौथे नामजद आरोपी निशांत की भी गिरफ्तारी की मांग की। वहीं परिजनों ने जांच कर रहे सीओ सिविल लाइन को एक और नाम बताया है जिसने मर्डर से 15 दिन पहले रिंकू को धमकी दी थी।
सरधना क्षेत्र के ईकड़ी गांव निवासी रिंकू कुमार पुत्र जयपाल सिंह अम्हेड़ा गांव स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक में कैशियर था। 12 दिसंबर की रात को मेडिकल क्षेत्र में गढ़ रोड के पास रिंकू की हत्या कर दी गई थी। परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करते हुए पुलिस ने रिंकू की दोस्त राशि त्यागी, उसके पिता ब्रजमोहन और रिश्ते के मामा कुलदीप को जेल भेज दिया था। जबकि नामजद चौथा आरोपी राशि का भाई निशांत फरार है।
सोमवार को एसएसपी के ऑफिस पर न मिलने पर परिजन एसओ मेडिकल बीएस सिरोही और जांच कर रहे सीओ सिविल लाइन बीएस वीर कुमार से मिले। रिंकू के चाचा अमरपाल और पिता जयपाल ने सीओ से कहा कि रिंकू के दोस्त ने बताया कि रिंकू को हत्या से 15 दिन पहले धमकी मिली थी।
जिसमें कहा गया था कि या तो वह राशि का साथ छोड़ दे, नहीं तो अंजाम भुगत लेना। परिजनों ने कहा न तो रिंकू के फोन की कॉल डिटेल निकलवाई गई और न ही हत्या का कोई मेन कारण बताया गया। फरार आरोपी की गिरफ्तारी भी नहीं की। सीओ का कहना है कि दस दिन बाद ही धमकी देने का मामला सामने क्यों आया। उस दोस्त से भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस ने रिंकू की बाइक परिजनों को दिलवा दी।