प्रधानी का दावेदार गुड्डन यादव विश्वासघात का शिकार हुआ था। उसका खून बहाने की सुनियोजित प्लानिंग गांव के बाहर एक घेर में बनी थी। जहां हत्यारोपी आनंद यादव ने भाड़े के शूटरों के साथ रात भर शराब के दौर के बीच इसे अंतिम रूप दिया था।
सुबह होते ही गुड्डन को तलाशा गया तो गांव में अपने दोस्त के घर में चुनाव पर चर्चा करता मिला। आनंद के पिस्टल तानने पर वह वहां से भागा ही था कि घर के बाहर भाड़े के शूटरों ने उसे घेरकर मार डाला। इसके बाद आनंद ने भी अपनी पिस्टल से उस पर गोलियां बरसाईं।
इसका खुलासा बुधवार को हत्यारोपी आनंद के पिता मित्रसेन यादव और उस संजय नाम के शख्स ने पूछताछ में किया, जिसके घर गुड्डन मौत से पहले मौजूद था। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी आनंद पहलवान ने भाड़े पर शूटरों को बुलाया था। सोमवार रात भर गांव के बाहर एक घेर में आनंद और शूटरों ने शराब पी।
सवेरा होते ही आनंद व शूटर बाइक से गुड्डन की तलाश में गांव में पहुंचे। गुड्डन अपने दोस्त संजय के घर पर है, इसकी जानकारी लगने पर सभी वहीं पहुंच गए। वहां पर आनंद का पिता मित्रसेन पहले से ही मौजूद था। आनंद ने गुड्डन से कहा कि अपने मोबाइल फोन से एक नंबर मिला दे।
गुड्डन कॉल मिलाने लगा, तभी आनंद ने उसकी कनपटी पर पिस्टल तान दी। मित्रसेन और संजय जब बीचबचाव में आए तो गुड्डन वहां से वहां से भाग निकला। संजय के घर के बाहर पहले से खडे़ भाडे़ के शूटरों ने गुड्डन पर गोलियां बरसा दीं। गोलियां की आवाज सुनकर आनंद संजय और मित्रसेन से छूटकर भागा और फिर अपने पिस्टल से गुड्डन पर गोलियां चला दीं। लहूलुहान गुड्डन को बचाने के लिए ग्रामीण वहां जमा हुए तो आनंद ने धमकी दी कि जो आगे आएगा, उसको मार दूंगा। पुलिस मित्रसेन और संजय को हिरासत में लेकर पूछताछ में जुटी है।
पिता के सामने तानी पिस्टल
पुलिस के मुताबिक संजय ने बताया कि गुड्डन को कॉल करके उसने अपने घर बुलाया था। प्रधानी चुनाव के संबंध में बातचीत चल रही थी। तभी मित्रसेन भी वहां पहुंच गया। मित्रसेन को संजय के साथ बाइक पर मेरठ आना था। इसी दौरान आनंद पहुंचा। आनंद और गुड्डन की करीब पांच मिनट संजय के घर पर बातचीत हुई। उसके बाद ही गुड्डन से
कॉल करने की बात कही और उस पर हमला बोला।
आगे आता तो मुझे मार देता
आनंद दो महीने पहले ही जेल से छूटकर आया था। आनंद की आपराधिक हिस्ट्री के बारे में ग्रामीण अच्छी तरह जानते थे। गुड्डन पर हमला होते ही संजय और मित्रसेन पीछे हट गए। संजय बोला कि हमले के दौरान आनंद के सामने मैं आता तो वह मुझको भी मार देता। उसका पिता मित्रसेन चिल्लाता रहा और आनंद गोली मारता रहा। वह भागते हुए भी हवाई फायरिंग करता गया है। पुलिस चश्मदीद संजय और मित्रसेन से पूछताछ करने में लगी है।