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दोस्ती, प्यार, शादी की जिद और हत्या

Sat, 12 Sep 2015 01:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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मोबाइल और फेसबुक के जरिए शुरू हुई दोस्ती प्यार में बदली, जो मौत की दहलीज पर जाकर खत्म हो गई। रूपेश शादी की जिद पर अड़ा था, जबकि अंजली मना करती रही। मीडिया के सामने पेश किए गए आरोपी रूपेश ने दावा किया कि उसने अंजली को मनाने के खूब जतन किए। लेकिन, उसकी न के हां में बदलने की उम्मीद टूट गई तो हत्या की योजना बना ली। इस साजिश में उसने अपने दोस्त भी शामिल कर लिए। उधर, पुलिस ने आरोपी के दावे के उलट नई कहानी बयां की। पुलिस के मुताबिक, खुद अंजली रूपेश पर शादी का दबाव बना रही थी।
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शामली झिंझाना का रहने वाला रूपेश मेरठ में बैचलर ऑफ वेटेनरी साइंस (बीवीएससी) की पढ़ाई कर रहा था। चार साल पहले मोबाइल और फेसबुक के जरिये अंजली से उसकी जान-पहचान हुई थी। आरोपी के मुताबिक, चार साल पहले एक मोबाइल बेचा था, जो अंजली के पास पहुंच गया। उस फोन में उसका मोबाइल नंबर भी था। इसके जरिये ही दोनों में बातचीत शुरू हुई। बस, यहीं से उनकी दोस्ती परवान चढ़ी और धीरे-धीरे प्यार में बदल गई।

आरोपी ने बताया कि 16 अगस्त को अंजली मेरठ में परीक्षा देने आई थी। रूपेश ने उससे मुलाकात कर शादी का प्रस्ताव रखा। लेकिन, अंजली ने शादी तय होने की बात कहते हुए इनकार कर दिया। पुलिस ने बताया कि इसके बाद रूपेश उसे अपने साथ कैंटीन ले गया, वहां कोल्डड्रिंक में नशे की गोलियां मिलाकर पिला दीं। बेहोश होने पर अपने दोस्त राहुल निवासी झिंझाना की कार से अंजली को शामली ले गया। वहां रूपेश और उसके दोस्त ने अंजली को जबरदस्ती बीयर पिलाई। यहां से नशे की हालत में झिंझाना में ऊन रोड स्थित एक बाग में ले गए। रातभर उसे बाग में ही रखा।
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सुबह अंजली को होश आया तो उसने फिर शादी से इनकार किया और पुलिस से शिकायत करने की धमकी भी दी। अंजली के बार-बार इनकार करने पर आरोपियों ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव को पास के खेत में गड्ढा कर दबा दिया।

हंगामे के बाद दर्ज हुई थी रिपोर्ट
अंजली के लापता होते ही परिजनों ने शामली के झिंझाना निवासी युवक और उसके परिजनों के खिलाफ मुल्हैड़ा चौकी पर तहरीर दी थी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। 20 अगस्त को  रालोद जिलाध्यक्ष चौधरी यशवीर सिंह और सुनील रोहटा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कोतवाली का घेराव कर धरना दिया, तब रिपोर्ट दर्ज हुई।

सख्त कार्रवाई के लिए सीओ से मिले
झिंझाना में अंजली का शव बरामद होने के बाद छुर के ग्रामीण सीओ ब्रजेश कुमार और इंस्पेक्टर मेहर सिंह से मिले। ग्राम प्रधान विनेश कुमार, संसार सिंह के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों का कहना था कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

पुलिस को करता रहा गुमराह
आरोपी रूपेश पहले पुलिस को गुमराह करता रहा और कोई भी जानकारी होने से किया। रिमांड अवधि के आखिरी दौर में वह पुलिस के सामने टूट गया और हत्याकांड का खुलासा किया। इससे पहले अंजली के लापता होने पर 20 अगस्त को अंजली के पिता की तहरीर पर झिंझाना निवासी रूपेश सैनी पुत्र ओमवीर सैनी, रश्मि पुत्री ओमवीर सैनी, बॉबी पुत्र कृष्णपाल, राहुल पुत्र खेमचंद और नदीम पुत्र यासीन के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने बॉबी, चालक राहुल, नदीम और रूपेश की मां मिथिलेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 28 अगस्त को रूपेश कोर्ट में समर्पण कर जेल चला गया था। पुलिस ने नौ सितंबर को रूपेश को रिमांड पर लिया।
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