परतापुर एसओ पर एसएसपी की फ टकार और दरोगा के निलंबन का भी कोई असर नहीं पड़ा। मुकदमा दर्ज करने के बाद भी पुलिस ने अंकुर के हत्यारोपियों की गिरफ्तार नहीं की। रविवार को गांवड़ी ग्रामीणों ने परतापुर थाने में जमकर हंगामा किया। महिलाओं ने एसओ को दौड़ाते हुए सड़क पर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे बाद सीओ ब्रह्मपुरी कई थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और मामला शांत कराया।
परतापुर क्षेत्र के कायस्थ गांवड़ी निवासी राजकुमार के बेटे अंकुर का गांव की एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। एक अक्तूबर को युवक को घर से बुलाकर बेरहमी से पीटा और रेलवे लाइन पर फेंक दिया गया। चार अक्तूबर को उसने दम तोड़ दिया। जिसमें पुलिस ने कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया। शुक्रवार को ग्रामीणों ने एसएसपी आवास पर दो घंटे तक हंगामा किया।
जिसके बाद एसएसपी ने महिलाओं से अभद्रता करने वाले दरोगा रविंद्र को निलंबित कर गैर जनपद ट्रांसफर के आदेश दिए, जबकि परतापुर एसओ को तलब करते हुए आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के कड़े निर्देश दिए थे। जिसके बाद भी परतापुर पुलिस ने कोई गिरफ्तारी नहीं की।
रविवार को फिर से 70-80 ग्रामीणों ने परतापुर थाने पर धावा बोल दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस से धक्का मुक्की होते देख एसओ राकेश यादव ने भीड़ को समझाने की कोशिश की तो महिलाओं ने उन्हें दौड़ा लिया। भीड़ के आक्रोश को देखकर किसी तरह एसओ ने थाने में घुसकर जान बचाई। बाद में ग्रामीणों ने थाने के बाहर हाईवे पर जाम लगा दिया।
जाम की सूचना पर सीओ ब्रह्मपुरी रफीक अहमद, ब्रह्मपुरी और टीपीनगर थाने की पुलिस के साथ पहुंचे और महिलाओं को समझाकर शांत कराते हुए जाम खुलवाया।
सीओ ने आश्वासन दिया कि पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज करते हुए गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। वहीं पीड़ित लोगों की मांग पर सीओ ने विवेचना भी क्राइम ब्रांच से कराने का आश्वासन दिया। जिसके बाद भीड़ ने जाम खोला, लेकिन थाने में करीब पांच घंटे तक हंगामा चला।