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वाह रही पुलिस! शहर में अपराध, हाईवे पर चेकिंग

Mon, 26 Oct 2015 02:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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डीआईजी ने चेकिंग के निर्देश दिए और इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के अंदरूनी इलाकों में चेकिंग कराने के बाद हाईवे पर खानापूर्ति करते मिले। गाजियाबाद से लौटते डीआईजी ने इंस्पेक्टर फटकार लगाते हुए सुधार लाने की चेतावनी दी।
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डीआईजी आशुतोष कुमार ने रविवार शाम जिले में तीन घंटे तक चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। डीआईजी के निर्देश पर सभी थानाक्षेत्रों में चेकिंग शुरू तो की गई, लेकिन अधिकांश थाना प्रभारी शहर में सघन चेकिंग अभियान चलाने के बजाए क्षेत्र के अंतिम प्वाइंट पर खानापूर्ति करते नजर आए।
 
गाजियाबाद से शाम को लौट रहे डीआईजी ने फोन पर चेकिंग के बारे में पूछा तो पता चला कि जिले में सघन चेकिंग कराई जा रही है। डीआईजी चेकिंग का हाल देखने कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र पहुंचे तो इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा सुरेंद्र कुमार राणा हाईवे पर बैठे मिले। डीआईजी ने इंस्पेक्टर को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि शाम के समय शहर में महिलाओं के साथ छेड़छाड़, चेन स्नैचिंग और लूट की घटनाएं होती हैं।
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ऐेसे में चेकिंग शहर के अंदरूनी क्षेत्र में होनी चाहिए। डीआईजी ने बताया कि अधिकांश थाना प्रभारी चेकिंग के नाम पर अपने क्षेत्र के कोने में बैठ जाते हैं और शहर में इस दौरान घटनाएं हो जाती हैं। जिसके कारण अपराधी भागने में कामयाब हो जाते हैं।

रात तीन बजे तक फील्ड में रहेंगे सीओ
डीआईजी ने बताया कि रेंज के सभी एसएसपी को निर्देश जारी किए गए हैं। सर्दी के दौरान रात में लूट और चोरी की घटनाएं होती हैं। ऐसे में सर्किल ऑफिसर रात में तीन बजे तक फील्ड में ड्यूटी करें, ताकि थाना प्रभारी सक्रिय रहें और घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। उन्होंनेे ये भी निर्देश दिए कि थाना क्षेत्र के दूरस्थ गांव या क्षेत्र में लोगों को पुलिस अपना नंबर उपलब्ध कराए, ताकि घटना की सूचना तत्काल पुलिस को मिल सके।

बदमाश सब जानते हैं
अफसरों के आदेशों और पुलिस की सक्रियता को बदमाश बखूबी जानते हैं। उन्हें यहां तक पता रहता है कि शहर में पुलिस कहां-कहां चेकिंग कर रही होगी, कहां नहीं। यह भी जानते हैं कि कोई बड़ी वारदात के बाद भी शहर में सघन चेकिंग नहीं होती, इसलिए इस खानापूर्ति और हवाई आदेशों का पूरा फायदा बदमाशों को ही मिलता है। पुलिस कितनी सक्रियता से चेकिंग करती है, इसका पता इसी बात से चल जाएगा कि पिछले तीन माह में चेकिंग के दौरान पुलिस कोई सफलता हाथ नहीं लगी।
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