रेलवे रोड थाना क्षेत्र के मकबरा डिग्गी में शुक्रवार रात बवाल के वांछितों को पकड़ने गई पुलिस को महिलाओं ने घेर लिया। पुलिस पर अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
मकबरा डिग्गी निवासी साजिद की 2014 में हत्या कर दी गई थी। मृतक पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ रेलवे रोड थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के बाद अराजक तत्वों ने नामजद आरोपियों के घर में तोड़फोड़ करते हुए आग लगा दी थी।
इसके बाद दिल्ली रोड पर जाम करते हुए पुलिस पर मारपीट और पथराव किया था। इस प्रकरण की विवेचना क्राइम ब्रांच कर रही थी। आगजनी और तोड़फोड़ के मामले में 11 लोग जेल जा चुके हैं, जबकि छह फरार के कोर्ट से वारंट जारी हो गए।
शुक्रवार शाम को इंस्पेक्टर रेलवे रोड जनक सिंह पुंडीर ने वांछित अयूब के घर में दबिश दी तो वह फरार हो गया। आरोप है कि लड़कियों और महिलाओं ने पुलिस को घेर लिया। साजिया और नाजिया को चोट लग गई। परिजन घायलों क ो जिला अस्पताल ले गए और पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।
घटना की जानकारी पर बदर अली भी समर्थकों के साथ जिला अस्पताल पहुंच गया। रात में ही एसएसपी को मामले की जानकारी दी। इंस्पेक्टर रेलवे रोड ने बताया कि तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में अयूब, नदीम, शानू, रईस और दो अन्य वांछित हैं। जिन्हें पकड़ने के लिए पुलिस ने दबिश दी है। मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई है।
बदर अली पर भड़काने का आरोप
इंस्पेक्टर रेलवे रोड जनक सिंह पुुंडीर का कहना है कि एक संस्था का नेता बदर अली कई दिनों से दबाव बना रहा है कि वांछितों को न पकड़ा जाए। यह मामला पुलिस के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में है। पुलिस की तरफ से तोड़फोड़ और आगजनी का मुकदमा लिखा हुआ था। वांछितों को न पकड़ा जाए इसलिए महिलाएं आरोप लगा रही हैं। बदर अली लोगों को भड़का रहा है।