चौधरी चरणसिंह जिला कारागार में शनिवार सुबह एक बंदी ने फांसी लगाकर जान दे दी। इसकी सूचना पर परिजनों ने जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाकर डीआईजी और एसएसपी ऑफिस पर हंगामा किया। देर रात तक बंदी के शव को पोस्टमार्टम नहीं हुआ।
ब्रह्मपुरी क्षेत्र के भगवतपुरा निवासी मुकेश कुमार (25) पुत्र मेवाराम 14 जनवरी को ब्रह्मपुरी पुलिस ने जेल भेजा था। मुकेश पर एक किशोरी को ले जाने का आरोप था। शनिवार सुबह मुकेश ने जेल परिसर में एक पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी। जेल में बंदी की मौत होने पर बंदियों और जेल प्रशासन में अफरातफरी मच गई।
जेल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजकर मुकेश के परिजनों को सूचना दी। इसकी जानकारी पर मुकेश के परिजन पहले पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। बाद में जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाकर डीआईजी और एसएसपी ऑफिस पर हंगामा किया।
फंदा टूटने पर गिरा था जमीन पर
मुकेश कुमार जिला जेल में कैंटीन में काम करता था। शनिवार सुबह चुपचाप मुकेश जेल परिसर में एक पेड़ पर चढ़कर बैठ गया। करीब आधा घंटे तक वह पेड़ पर बैठा रहा और उसने कपड़ा बांधकर फांसी लगा ली। तभी कपड़े का बना फंदा टूट गया और मुकेश करीब 20 फीट ऊंचाई से जमीन पर गिर गया। यह दुघर्टना जेल में कई बंदियों ने देखा।
चार घंटे बाद दी सूचना
पीड़ित परिवार का कहना है कि जेल प्रशासन ने बताया कि मुकेश की मौत सुबह करीब आठ बजे हुई है। लेकिन जेल प्रशासन ने परिवार को सूचना दोपहर 12 बजे दी। जेल प्रशासन ने चार घंटे देरी से सूचना दी, जिस पर परिजनों में आक्रोश है। आरोप है कि मामले को दबाने के लिए देरी से सूचना दी। परिजनों का कहना कि दो सिपाही उनके घर पर आए थे, जिन्होंने मौत की सूचना दी।
पुलिस पर यातना देने का आरोप
परिजनों ने बताया ब्रह्मपुरी पुलिस ने मुकेश को यातना दी है। मुकेश का इतना कसूर था कि उसका एक लड़की से प्रेम प्रसंग था। दोनों घर से चले गए थे। लड़की के परिजनों ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। जिस पर लड़की को बरामद किया और मुकेश को रातभर थाने में पीटा। इसकी जानकारी मुकेश ने अधिवक्ता के जरिये परिजनों को फोन पर दी थी।
पुलिस बोली, डिप्रेशन में था मुकेश
जेल प्रशासन ने बताया कि मुकेश ने डिप्रेशन में आकर फांसी लगाई है। एक पखवाड़ा हो गया था, लेकिन परिवार का कोई सदस्य उससे मिलने नहीं गया। जिसको लेकर वह परेशान था। पुलिस की माने तो लड़की ले जाने को लेकर परिजन भी मुकेश से नाराज थे।
जेल से डीआईजी चौखट तक हंगामा
मुकेश की मौत के बाद भगवतपुरा के लोग दो टेंपो से जेल पहुंचे। जेल के गेट, डीआईजी और एसएसपी ऑफिस तक पीड़ित लोग हंगामा करते रहे। वह चिल्ला रहे थे कि पुलिस और जेल प्रशासन की मिलीभगत के चलते मुकेश की हत्या हुई है। लेकिन किसी अधिकारी ने उनकी एक नहीं सुनी। जिस पर उन्होंने चेतावनी दी कि शव को रखकर अधिकारियों के खिलाफ हंगामा करेंगे।