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कमाई के ‘फूल’ ने बरसाया खून

Sun, 31 Jan 2016 02:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
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सवा साल पहले शुरू हुई नौका विहार फूलबाग मंडी कमाई के चक्कर में शुरू से ही विवादित रही है। एक साल पहले इसे लेकर तत्कालीन डीएम और तब के नगर आयुक्त में भी टकराव हो गया था।
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फूलबाग फूलमंडी के संरक्षक सोनेलाल के अनुसार शासन के निर्देश पर 13 अक्तूबर 2014 को शिवाला फूलमंडी को शिफ्ट करके यहां शुरू की गई थी। तब की डीएम डॉ. रोशन जैकब ने सीआरएस फंड से गोल्डी मसाले की तरफ से वहां लाखों की लागत से डीप फ्रीजर भी लगवाया, ताकि फूल खराब न हों।

लेकिन, तब के नगर आयुक्त उमेश प्रताप सिंह ने मंडी का विरोध कर दिया, कहा फूलबाग पुरातत्व स्थल है यहां कोई निर्माण नहीं हो सकता। उन्होंने फ्रीजर हटवाने के निर्देश दिए तो डीएम से टकराव हो गया था। छह महीने पहले उमेश प्रताप सिंह का तबादला होते समय भी चर्चा थी कि डीएम से टकराने पर वे निपट गए।
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ठेकेदार की साजिश तो नहीं
नगर निगम ने नौका विहार फूल मंडी का ठेका पिछले साल जुलाई में परमट के ठेकेदार जितेंद्र अग्रवाल को दिया। इस मंडी की वजह से नौका विहार का मेनगेट नहीं खुल पाता था। इस वजह से वहां शादी-विवाह आदि की बुकिंग बहुत कम हो गईं। फूलबाग फूलमंडी के संरक्षक सोनेलाल ने आरोप लगाया कि इस वजह से भी विवाद खड़ा किया गया। साथ ही शिवाला के तमाम लोग भी मंडी वहां से हटने के विरोध में हैं।

सपाई उठाएंगे मुद्दा
सपा नेता की मौत, पूर्व पार्षद को हवालात में डालने और शिवपाल सिंह के फोन के बाद शहर के सपाई हरकत में आ गए। नगर अध्यक्ष मेहताब आलम, नगर सचिव अरुण सिंह बउआ ठाकुर, संतराज यादव, सुनील महिवाल, सुरेश प्रताप आदि तमाम नेता और कार्यकर्ता कोतवाली पहुंच गए और पुलिस पर अन्याय का आरोप लगाकर हंगामा किया।

इस पर आनन-फानन उमाकांत को जमानत पर छोड़ा गया। सपाइयों ने रात में ही धरना देने की धमकी दे दी तो अफसरों ने समझा-बुझाकर उन्हें शांत किया। अब सपाइयों ने किसानों को लखनऊ ले जाने की रणनीति बनाई है।

शिवाला फूलमंडी वालों की साजिश का आरोप
फूलबाग फूलमंडी के संरक्षक और अध्यक्ष ने शिवाला फूलमंडी के पदाधिकारियों पर उनके खिलाफ साजिश का आरोप लगाया। कहा कि उनकी मंडी शासन के निर्देश पर स्थापित की गई थी।

आरोप है कि तभी से शिवाला फूलमंडी वाले इसे हटवाने चाह रहे थे। एक दिन पहले डीएम ने अचानक मंडी हटाने को कहा। शिवाला के ही युवकों ने अफसरों की मौजूदगी में किसानों, व्यापारियों पर हमला किया।
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