डग्गामार बस के चालक ने गढ़ रोड पर बुधवार दोपहर रोडवेज सिटी बस के एमडी और एआरएम को कुचलने की कोशिश की। दोनों अफसरों की गाड़ी को बस काफी दूर तक घसीटते हुए ले गई। जिसमें दोनों अधिकारियों समेत पूरा स्टाफ बाल-बाल बचा। घटना की जानकारी के बाद आरोपी चालक ने गढ़ की तरफ बस दौड़ा दी। कंट्रोल रूम से सूचना फ्लैश होने के बाद घेराबंदी क रते हुए पीएसी के ट्रक से बस को रोका गया।
जेएनएनयूआरएम रोडवेज सिटी बस के एमडी संदीप लाहा और सोहराब गेट डिपो के एआरएम बीपी अग्रवाल बुधवार दोपहर गढ़ रोड पर गोकुलपुर के पास बसों की चेकिंग कर रहे थे। एआरएम की सरकारी गाड़ी सड़क किनारे खड़ी थी, जबकि एमडी और एआरएम एक साथ नीली बत्ती लगी इंडिगो गाड़ी में बैठे थे। मेरठ से गढ़ की तरफ जा रही डग्गामार बस को स्टाफ ने रोकने की कोशिश की तो चालक ने बस को दौड़ा दिया।
जिससे स्टाफ के दो कर्मी बाल-बाल बच गए। यह देखकर एमडी क ी गाड़ी के चालक आकाश निवासी भटीपुरा ने बस को रोकने के लिए इशारा किया। जिसके बाद चालक ने इंडिगो गाड़ी को भी चपेट ले लिया। काफी दूर तक एमडी की गाड़ी बस के साथ घिसटती रही और पलटने से बची। जिसमें दोनों अधिकारी बाल बाल बच गए।
वहीं, एआरएम की सूमो गाड़ी पर भी बस चढ़ाने की कोशिश की गई। घटना के बाद आरोपी चालक ने बस को दौड़ा दिया। कंट्रोल रूम पर सूचना फ्लैश होने के बार एसओ मेडिकल बीएस सिरोही और भावनपुर पुलिस ने घेराबंदी की। बाद में हसनपुर पुलिस चौकी के पास पीएसी का ट्रक लगाकर बस को रोका गया। रोडवेज के अफसरों ने मेडिकल थाने में हंगामा करते हुए आरोपी चालक शिफ्टी के खिलाफ मेडिकल थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने आरोपी चालक को हिरासत में लेते हुए बस को कब्जे में ले लिया है।
‘आज तो मर ही जाते’
मेडिकल थाने में एमडी संदीप लाहा और एआरएम बीपी अग्रवाल ने एसओ से कहा कि साहब, आज तो हम मर ही मर जाते। दोनों अफसर घटना को बताते हुए कांप उठे। कहा कि हमारे ड्राइवर आकाश और दीपक क ाजीपुर ने किसी तरह गाड़ियों को बचाकर खाई की तरफ कर दिया। नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, आरोपी चालक शिफ्टी ने बताया कि उसने जानबूझकर हादसा नहीं किया है।
बस में सवार थे 46 यात्री
घटना के वक्त डग्गामार बस में 46 यात्री सवार थे। एक तरफ जहां एमडी और एआरएम के अलावा उनका स्टाफ बचा तो वहीं पुलिस का मानना है कि गनीमत रही कि बस नहीं पलटी। नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।