विशाल कश्यप की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। एसओ मेडिकल ने शुक्रवार को आरोपी मकान मालिक रंजीत के परिजनों से पूछताछ की तो उसकी आठ साल बेटी ज्योति ने कहा कि विशाल को गोली पापा ने मारी थी, जिसके बाद वह घर से भाग गए थे। एसओ का कहना है कि रंजीत के खिलाफ नामजद केस दर्ज कर लिया गया है। हत्या में परिवार के अन्य लोगों की नामजदगी जांच के बाद होगी। फिलहाल रंजीत की तलाश है।
मेडिकल थानाक्षेत्र के राजवंश विहार निवासी बाबूराम कश्यप के इकलौते बेटे विशाल (22) की बृहस्पतिवार देर शाम सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पावरलूम में काम करने वाले बाबूराम ने पत्नी की मौत के बाद पूजा उर्फ रुखसाना से दूसरी शादी की थी। विशाल की सौतेली मां से बनती नहीं थी। इसलिए वह पड़ोस में ही ट्रक ड्राइवर रंजीत के मकान में किराए पर रह रहा था।
बृहस्पतिवार रात विशाल का शव उसके किराए के कमरे में चारपाई पर रक्तरंजित हालत में मिला था। रंजीत की पत्नी सीमा ने पुलिस को बताया था कि विशाल को मोहल्ले के ही एक घर में पड़ोस के चार युवक दीपक, प्रदीप, पवन और भूषण नए साल की पार्टी मनाने की बात कहकर ले गए थे। जब वे विशाल को लेकर आए थे तो चारपाई पर लिटाते हुए बताया था कि विशाल ने पार्टी में ज्यादा शराब पी ली है, जिससे वह बेहोश है।
एक तीर से दो शिकार
शुक्रवार को एसओ मेडिकल बीएस सिरोही ने बताया कि जांच में सामने आया कि विशाल का इसी मकान में किराए पर रहने वाली एक युवती से प्रेम प्रसंग था। इस बीच विशाल की मकान मालिक की पुत्री से भी दोस्ती हो गई थी। जिसका रंजीत विरोध करता था। इसी के चलते रंजीत ने विशाल की हत्या का प्लान बनाया।
एसओ के अनुसार रंजीत एक सप्ताह पूर्व दीपक, प्रदीप, पवन और भूषण से मारपीट में जेल गया था। रंजीत का प्लान था कि विशाल की हत्या कर इन चारों युवकों को फंसा दिया जाए। लेकिन रंजीत की पोल उसकी ही बेटी ज्योति ने खोल दी। हालांकि ज्योति से अलग जांच में भी यही बात सामने आने पर रंजीत को हत्या में नामजद कर लिया गया है।
कौन-कौन बनेंगे आरोपी
ज्योति के मुताबिक रंजीत ने जब विशाल को गोली मारी तो घर पर उसकी मां और दोनों बहनें भी मौजूद थीं। वारदात के बाद परिजनों ने रंजीत को वहां से भगाया। जबकि पत्नी और एक बेटी ने शव को उसके कमरे में पहुंचाया। एसओ के अनुसार प्लान के मुताबिक रंजीत ने पहले विशाल को शराब पिलाई थी। जिसके बाद दोनों के बीच कहासुनी और गालीगलौज हुई थी। रंजीत ने तमंचे से उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद वह भाग गया। बाद में रंजीत की पत्नी सीमा ने यह बात फैला दी कि विशाल को मोहल्ले के ही चारों युवक छोड़कर गए थे।
बाबूराम का बुरा हाल
पोस्टमार्टम के बाद विशाल का शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इकलौते बेटे को खोने वाले बाबूराम का बुरा हाल है। गमगीन माहौल में परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार किया। एसओ मेडिकल ने बताया कि बाबूराम की तहरीर पर रंजीत को नामजद किया गया है। इस वारदात में रंजीत की पत्नी और बेटी भी नामजद की जा सकती है। दीपक, प्रदीप, पवन और भूषण को छोड़ दिया गया है।