ग्राम खानपुर बांगर स्थित बाग में मुर्गों को लड़ाकर सट्टा खेलने के लिए रविवार को सजाई गई महफिल में छापा मारकर पुलिस ने 15 लोगों को दबोच लिया। हालांकि, कई सटोरिये भाग खड़े हुए। पुलिस ने मौके से आठ कारें भी कब्जे में ली हैं।
पुलिस के मुताबिक, ग्राम खानपुर बांगर निवासी आसिफ के आम के बाग में काफी समय से महीने के पहले रविवार को मुर्गों को लड़ाकर सट्टा खेला जाता है। रविवार को भी यहां दूरदराज से लोग मुर्गे लेकर पहुंचे।
इनके लिए यहां बिरयानी, पान और फलों के स्टाल लगाए गए थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने छापा मारा। इस पर मुर्गे लड़ा रहे लोग भागने लगे। वहीं, पुलिस ने मेहरूद्दीन पुत्र अलीशेर, शाहिद पुत्र मुनीर, अशोक पुत्र जयभगवान निवासीगण लोनी, सचिन पुत्र उदल, रमेश पुत्र बलजीत, सनी पुत्र मदन निवासीगण टटीरी बागपत,
रवि पुत्र भीम मोदीनगर, राजेन्द्र पुत्र बसंतराम निवासी पतला निवाड़ी, ललित पुत्र शौराज निवासी खानपुर जानी, लियाकत पुत्र मेराजुद्दीन निवासी मेरठ, नवल सिंह पुत्र प्रेम सिंह निवासी हापुड़, राजेश पुत्र गुलाब सिंह निवासी गाजियाबाद, सुरेश पुत्र ब्रह्म सिंह निवासी कंकरखेड़ा मेरठ, शहादत पुत्र मौ. इस्लाम निवासी बहादुरगढ़ हापुड़, दौलत पुत्र बुद्ध सिंह सिखेड़ा इंचौली को दो मुर्गों के साथ दबोच लिया। थानाध्यक्ष श्यामवीर ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
दस फीसदी कमीशन:
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि खानपुर बांगर निवासी आरिफ बाग में मुर्गों को लड़वा कर जीतने वालों से रकम का 10 फीसदी कमीशन लेता है। प्रत्येक माह के पहले रविवार को आगरा, बरेली, पानीपत, सोनीपत, एटा, दिल्ली, हापुड़ और गाजियाबाद समेत अन्य शहरों से लोग अपनेे मुर्गे लग्जरी कारों में लेकर गांव खानपुर पहुंचते हैं। यहां दस हजार से एक लाख रुपये तक का सट्टा लगाया जाता है।
पशु क्रूरता अधिनियम में दर्ज हो मामला
एसपीसीए के सदस्य संदीप पहल ने कहा कि मुर्गों को लड़ाकर पशुओं पर अत्याचार किया जा रहा है। पुलिस ने आरोपियों को छोड़ा या फिर जमानत दी तो आला अधिकारियों से शिकायत की जाएगी। पकडे़ गए लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज होना चाहिए।