मात्र दो हजार रुपये के लिए सिक्योरिटी गार्ड की उसके ही दो दोस्तों ने हत्या की थी। पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया है। गार्ड और दोनों आरोपी करीब 20 साल से साथ रह थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वहीं पुलिस का मानना है कि हत्या में और भी लोग शामिल थे।
शिवलोकपुरी निवासी प्रदीप कुमार उर्फ बबलू का शव मंगलवार को खिर्वा रोड स्थित जेवरी गांव के पास खून से लथपथ मिला था। उसके चेहरे और सिर को ईंटों से कुचल दिया था और आंखें फोड़ दी थी। ग्रामीणों ने बताया था कि सोमवार रात प्रदीप को गांव के ही कैलाश पुत्र रघुवीर और हेमंत उर्फ बॉबी पुत्र जय भगवान के साथ देखा था।
इस पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया था। पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो उन्होंने प्रदीप की हत्या करना कबूल लिया। एसओ यादराम सिंह के अनुसार प्रदीप, कैलाश और हेमंत दोस्त थे। सोमवार रात तीनों ने गांव में ही बैठकर शराब पी। इस दौरान और शराब मंगवाने के लिए वे प्रदीप से पैसे मांगने लगे।
प्रदीप ने इनकार किया तो वे उसकी तलाशी लेने लगे तो प्रदीप के पास दो हजार रुपये मिले। इसके बाद दोनों प्रदीप को खिर्वा रोड पर एक निर्माणाधीन मकान में ले गए। जहां पर दोनों ने उसकी ईंटों से पीट-पीटकर हत्या कर दी और दो हजार रुपये लूट लिए। एसओ ने बताया कि कैलाश से लूट के 950 रुपये में बरामद हुए हैं।
पुलिस ने बताया कि प्रदीप लोगों से नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे ठगता था। कैलाश और हेमंत को उससे ईर्ष्या होती थी कि वह पैसे ठगता है और उन्हें शराब नहीं पिलाता। एसओ का कहना है कि हत्या करने में और लोगों के भी शामिल होने की संभावना है। बुधवार को पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
परिजनों के साथ करता था मारपीट
प्रदीप के परिजनों ने बताया कि प्रदीप शराब पीने का आदी थ। वह आए दिन शराब के नशे में पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करता था। परिजनों ने कई बार उसे कैलाश और हेमंत का साथ छोड़ने की बात कही थी।
डॉग पहुंचा था आरोपियों के घर
हत्या के बाद घटना स्थल पर डॉग स्क्वायड की टीम भी पहुंची थी। इस दौरान डॉग जेवरी गांव में कैलाश और हेमंत के घर पहुंचा था। इस पर पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने सच उगल दिया।