परतापुर में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के रिश्तेदार देवेंद्र सिंह सेठी की सैमको फैक्ट्री में एक महीने पहले हुई डकैती का बुधवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने आठ बदमाशों को गिरफ्तार कर लूटा हुआ सामान बरामद किया। वहीं डकैती का मास्टर माइंड पुलिस की पकड़ दूर है। डीआईजी ने पुलिस टीम को 12 हजार रुपये का इनाम देने की बात भी कही है।
डीआईजी रेंज लक्ष्मीसिंह ने बुधवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर आठ बदमाशों को मीडिया से रूबरू कराया। उन्होंने बताया कि 29 जनवरी को परतापुर स्थित सैमको कंपनी में बदमाशों ने करीब 20 लाख रुपये कीमत का सामान लूटा था। इस वारदात में कंपनी के कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है।
बुधवार सुबह मुखबिर ने सूचना दी कि बदमाश लूटा हुआ सामान कैंटर में भरकर बेचने के लिए दिल्ली ओखला जा रहे है। इस पर परतापुर पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम ने घेराबंदी कर मोहिउद्दीनपुर चैक पोस्ट पर कैंटर को पकड़ लिया। साथ ही उसमें सवार आठ बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
उन्होंने बताया कि आरोपी दिनेश बिहारी निवासी पटना डकैती का सरगना है। उसने पहले कंपनी की रेकी की और बाद में सभी आरोपियों को बुलाकर पानीपत में प्लानिंग बनाई। इस वारदात में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और नेपाल के युवक शामिल हैं। आरोपी अलग-अलग कंपनियों में नौकरी कर चुके हैं।
बदमाशों ने सिक्योरिटी गार्ड, एक कर्मचारी को बंधक बनाकर सैमको फैक्ट्री में वारदात को अंजाम दिया है। आरोपियों ने लूटे हुए सामान को पानीपत, दिल्ली, हरियाणा में अलग अलग जगह पर उतारा। जोकि उनकी निशानदेही पर बरामद भी हो गया।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
इंद्र पुत्र महातम निवासी बंगड सेतुवा कसिया जिला कुशीनगर
बिजेंद्र पुत्र किशनलाल निवासी किषनपुरा, चांदनीबाग पानीपत
किशोर पुत्र चिनक निवासी महादेवा दुबे फरेंदा जिला महाराजगंज
दीपक सिंह पुत्र कृष्णपाल निवासी पारसौली बुढ़ाना मुजफ्फरनगर
बंटी पुत्र हरपाल निवासी पारसौली बुढ़ाना मुजफ्फरनगर
राजन पुत्र महिपाल निवासी पारसौली बुढ़ाना मुजफ्फरनगर
मनीष पुत्र विष्णु निवासी धूपसिंह चांदनीबाग पानीपत
राजाराम उर्फ नेता पुत्र सूर्यमल निवासी चुईल बाबू छावनिया जिला बस्ती
यह हैं फरार आरोपी
दिनेश बिहारी निवासी पटना (मास्टर माइंड)
राजकुमार कबाड़ी निवासी सदर दिल्ली
गौरा ठाकुर निवासी पंजाब
रामा नेपाली निवासी नेपाल
पांच अन्य आरोपी हैं।
पानीपत में चार लाख का सामान बेच चुके थे
पुलिस के मुताबिक आरोपी पहले कंपनी में नौकरी करके सारी जानकारियों जुटाते थे। सामान कहां बेचना हैं और कैसे वारदात करनी है, बदमाश इसकी पहले से प्लानिंग बनाते थे। दो आरोपियों ने पानीपत में चार लाख का सामान बेचा था।
दिल्ली ओखला में सामान बेचने की तैयारी में तीन आरोपी लगे थे। जिन दुकानों पर सामान बेचते है, उनकी भी जांच चल रही है। आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। बिजेंद्र, दीपक, दिनेश और राजकुमार पहले भी लूट और चोरी के मामले में पकड़े जा चुके हैं।