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जेल गए अतिशय के अपहरणकर्ता

Tue, 01 Mar 2016 01:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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अतिशय जैन के तीनों अपहरणकर्ताओं प्रतीक जैन, तुषार जैन और आस्था विश्वास को सोमवार को न्यायालय अपर जिला जज स्पेशल कोर्ट पॉक्सो एक्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इससे पहले पुलिस इन आरोपियों को एसीजेएम अष्टम की कोर्ट में लेकर पहुंची, लेकिन जब पॉक्सो एक्ट का पता चला तो एडीजे स्पेशल कोर्ट पॉक्सो एक्ट में पेश किया गया।
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पारसदीप अपार्टमेंट पंजाबी पुरा निवासी जीजी फार्म हाउस के मालिक मयंक जैन के पुत्र अतिशय (कक्षा छह के छात्र) का विगत 19 फरवरी की सुबह अपहरण कर लिया गया था। 28 फरवरी की तड़के मेरठ पुलिस ने अतिशय को सकुशल बरामद करते हुए तीन अपहरणकर्ताओं प्रतीक जैन उर्फ मोनू पुत्र संजय जैन निवासी जवाहर नगर जयपुर, राजस्थान, हाल निवासी इंडिया नेक्स्ट सेक्टर-82 गुड़गांव हरियाणा (मुख्य अपहरणकर्ता),

तुषार जैन उर्फ नीशू पुत्र नरेंद्र जैन निवासी 70 हनी गोल्फ कॉलोनी थाना मेडिकल क्षेत्र मेरठ, हाल पता 31 प्रथम तल वाटिका इंडिया नेक्स्ट सेक्टर-82 गुड़गांव और आस्था विश्वास पुत्री संजय विश्वास निवासी कमालपुर थाना धान तला कोलकाता पश्चिम बंगाल, हाल निवासी इंडिया नेक्स्ट सेक्टर- 82 गुड़गांव को गिरफ्तार किया था। इनमें प्रतीक और तुषार अतिशय के रिश्तेदार हैं, जबकि आस्था प्रतीक की लिव-इन पार्टनर है।
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यह बना न्यायिक रिमांड
अपहरण के मुख्य आरोपियों प्रतीक और तुषार के खिलाफ आईपीसी की धारा 364 ए (फिरौती के लिए अपहरण), 307 (हत्या करने का प्रयत्न) आईपीसी के अलावा 25 आर्म्स एक्ट और 7/8 पॉक्सो एक्ट, जबकि महिला आरोपी आस्था विश्वास के खिलाफ आईपीसी की धारा 364 ए और 7/8 पॉक्सो एक्ट के तहत न्यायिक रिमांड बनाया गया।

यह रहा अभियोजन पक्ष
एडीजीसी पराग सक्सेना ने न्यायालय को बताया कि पुलिस ने अपनी विवेचना में पीड़ित नाबालिग अतिशय के बयान दर्ज किए हैं। जिसमें उल्लेखित किया गया कि आरोपी प्रतीक और तुषार ने उसको स्कूल जाते हुए हुए अपनी गाड़ी में बिठाया था। गाड़ी में बिठाकर उसके हाथों को टेप से बांध दिया।

अतिशय ने जब खोलने के लिए कहा तो उन्होंने कहा कि तुम्हें तो ताईक्वांडो आती है, खोलकर दिखाओ। अतिशय जब नहीं खोल सका तो उसके मुंह को टेप से बंद कर दिया गया। उसके बाद ये दोनों उसे एक घर में ले गए। जहां पर तीसरी आरोपी आस्था विश्वास मिली।

अतिशय को वहां बंधक बनाकर रखा जाता था। उसके कपडे़ उतारकर हाथ-पैर बांध दिए गए थे। उसके साथ गलत हरकतें की जाती थी। आरोपी उसके सामने शराब आदि पीते थे और अतिशय को खाने के नाम पर सिर्फ बिस्किट, मठरी और पानी देते थे। उसे अलमारी में बंद करके रखते थे। पुलिस ने अपनी विवेचना में तीनों को पॉक्सो एक्ट का भी आरोपी माना।

अतिशय से पहले केएल का छात्र करना था अगवा
अतिशय को अगवा करने से पहले अपहरणकर्ताओं ने गढ़ रोड स्थित केएल इंटरनेशनल स्कूल के एक छात्र को अगवा करने का प्लान बनाया था।

अपहरणकर्ता छात्र को जबरन कार में खींचने वाले थे, तभी प्रतीक ने प्लान बदल दिया। अतिशय अपहरण कांड के मुख्य आरोपी प्रतीक जैन का कहना है कि अतिशय का पिता फिरौती में अच्छा पैसा दे सकता था, अन्य किसी छात्र के परिजनों की प्रोफाइल जानने में उसको समय लगता।

साइबर सिस्टम एक्सपर्ट आरोपी तुषार जैन की मोनू व राहुल निवासी शास्त्रीनगर से दोस्ती थी। ये तीनों युवक भी अतिशय अपहरण कांड के आरोपी हैं। अतिशय का अपहरण करने से पहले तीनों आरोपियों ने मेरठ में करीब दो सप्ताह तक पांच पब्लिक स्कूलों के छात्रों की रेकी की थी। उनका मकसद किसी संपन्न छात्र का अपहरण कर उसके परिजनों से फिरौती वसूलना था।

इस दौरान तुषार ने मेरठ से एक छात्र को अगवा करने का प्लान प्रतीक को बताया तो वह भी उनके साथ शामिल हो गया। चारों आरोपी बीती 16 फरवरी को गढ़ रोड स्थित केएल इंटरनेशनल स्कूल के गेट पर पहुंचे।

इस दौरान वे एक छात्र को अगवा करने ही वाले थे कि तभी प्रतीक ने अपने ही रिश्तेदार अतिशय को अगवा करने की बात कही। पुलिस के मुताबिक प्रतीक ने कहा कि अतिशय का पिता मयंक जैन फिरौती में अच्छा पैसा दे सकता है। जिसके बाद इन आरोपियों का प्लान बदल गया।

18 फरवरी की सुबह प्रतीक और तुषार आई-10 कार से पंजाबी पुरा के आसपास लग गए। अतिशय मिला तो प्रतीक ने उसको कार में बैठने की बात कही, लेकिन उसने मना कर दिया।

अतिशय को भनक न लग जाए, यह सोचकर प्रतीक दोबारा स्कूल की छुट्टी के बाद उसे मिला। इसके बाद 19 फरवरी की सुबह जब अतिशय घर से स्कूल जाने के लिए निकला तो प्रतीक और तुषार ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसका अपहरण कर लिया था।
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