बेटे अतिशय के अगवा होने की खबर के बाद से मां शिखा बेहाल है। बेटे की सकुशल वापसी की आस लगाए बैठीं शिखा ने कह दिया कि मैं अतिशय के हाथों से ही खाना खाऊंगी। वहीं, परिवार के बच्चे भी दहशत में स्कूल नहीं जा रहे हैं।
अतिशय का भाई अनंत दसवीं कक्षा में पढ़ता है। एग्जाम सिर पर हैं, लेकिन छोटे भाई के चलते वह परीक्षा की भी तैयारी नहीं कर पा रहा।
दादा एसके जैन दिनभर दरवाजे पर टकटकी लगाए बैठे हैं कि कब उनका पोता आवाज देगा। सुरक्षा के मद्देनजर अतिशय के घर पर सिविल वर्दी में दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
अतिशय को बरामद करने में पुलिस फेल
जीजी फार्म हाउस के मालिक मयंक जैन निवासी पंजाबीपुरा, टीपीनगर के अपहृत पुत्र अतिशय को बरामद करने में पुलिस की फील्डिंग फेल साबित हुई।
गाजियाबाद, देहरादून समेत कई जनपदों में पुलिस और क्राइम ब्रांच लगी हुई है, लेकिन अतिशय का कोई सुराग नहीं लग पाया। इस कारण जनता में आक्रोश है। एसएसपी डीसी दूबे ने बताया कि पुलिस टीमें लगी हैं, जल्द सकुशल बरामद हो जाएगा।
क्या छिपा रही पुलिस?
लोगोें में आक्रोश है कि पुलिस अतिशय को बरामद करने में फेल साबित हो रही है। पुलिस और परिजनों ने एक सुर में कहा कि उनकों कोई जानकारी नहीं है। जबकि चर्चा है कि पुलिस कुछ छिपा रही है। वहीं स्कूल के छात्र, शिक्षिक पीडि़त परिवार से मिलने पहुंचे।