शाम के पौने सात बजे तक कस्बे में सब कुछ ठीक ठाक था। बाजारों में चहल पहल थी। दुकानों पर ग्राहक । शाम सात बजे जैसे ही कब्रिस्तान में सभासद का शव मिलने की खबर फैली कस्बे की फिजा खराब होती चली गई। धीरे धीरे भीड़ बढ़ती गई और बवाल होता गया। बस स्टैंड पुलिस चौकी पर रखा शव जैसे ही पुलिस ने उठाया, पूरा कस्बा बवाल की आग में झुलस गया और कस्बे में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए।
शाम सात बजे लोगों ने सभासद का शव कब्रिस्तान में देखा। इसके बाद वहां भीड़ बढ़ती चली गई। हालांकि पुलिस ने पहुंचने में देर नहीं की। अफसर भी पहुुंच गए लेकिन लोगों में गुस्सा ज्यादा था। उन्होंने शव उठाकर बस स्टैंड चौकी पर रखी लिया। पुलिस अफसरों ने लोगों को समझाने की खूब कोशिश की, लेकिन वह मानने को राजी नहीं हुई। भीड़ लगातार बढ़ रही थी और पुलिस के पसीने छूट रहे थे।
पुलिस को लगा कि यदि शव उठा लिया जाए तो भीड़ छट जाएगी ,शायद यही सोच पुलिस ने शव जैसे ही कब्जे में लिया, भीड़ भड़क गई और बवाल शुरू कर दिया। भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, पुलिस ने बचाव में अश्रु गैस छोडी, लेकिन भीड़ अधिक थी। बवालियों ने आगजनी और तोड़फोड़ शुरू कर दी। सिनेमा घर को निशाना बना दिया गया। मौके पर पहुंचे आईजी और एसएसपी ने प्रयास किए।
कस्बे के गणमान्य लोगों की मदद ली गई उनसे कहा गया कि वह लोगों को शांत करें। कस्बे के अलग अलग स्थानों पर पुलिस अफसर फोर्स के साथ गश्त करने लगे और धीरे धीरे भीड़ छठी ओर आधी रात बाद माहौल कुछ शांत हुआ, लेकिन देर रात तक आईजी, एसएसपी मौके पर कैंप किए थे।
समय दर समय
शाम 7 बजे -कब्रिस्तान में सभासद का शव मिला
7.10- कब्रिस्तान में लोगों का पहुंचना शुरू
7.15 थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
7.20 सीओ ,एसओ मौके पर पहुंचे।
7.30 पुलिस ने शव कब्जे में लेने की कोशिश की
7.35 एसपी देहात मौके पर पहुंचे, भीड़ को समझाया।
8.00 भीड़ ने शव उठाकर बस स्टैंड चौकी पर रखकर जाम लगाया।
8.10 - आसपास के थानों की फोर्स मौके पर पहुंची।
8.20 - एसएसपी डीसी दूबे मवाना पहुंचे। भीड़ को समझाया।
9.00 पुलिस ने शव कब्जे में लिया।
9.05 - गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया। फायरिंग हुई।
9.10- पुलिस भीड़ के पीछे दौड़ी, अश्रु गैस छोड़ी।
9.30 - पीएसी बल मौके पर पहुंचा।
10.00 भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू किया।
10.45 - भीड़ ने आगजनी ,वाहनों में तोड़फोड़ शुरू की।
10.05 आई जी मेरठ जोन मौके पर पहुंचे।
10.45 - अफसरों ने परिजनों से बात की।
10.30 पूरे कस्बे में पीएसी पुलिस की गश्त।
12.15 कस्बे में भारी फोर्स, बवाल शांत हुआ।