जाहिदपुर में सोमवार शाम मंदिर में लाउडस्पीकर बजाकर आरती करने पर सांप्रदायिक तनाव हो गया। दूसरे समुदाय के युवकों ने मंदिर में घुसकर पुजारी के साथ मारपीट करते हुए लाउडस्पीकर बंद करा दिया। इसके बाद गांव में दोनों समुदाय के सैकड़ों लोग आमने-सामने आ गये और नारेबाजी करते हुए पथराव कर दिया। आरोप है कि दूसरे समुदाय के लोगों ने फायरिंग कर दी। तनाव को देखकर गांव में पुलिस तैनात कर दी गई।
खरखौदा क्षेत्र के जाहिदपुर गांव में प्राचीन शिवमंदिर में फर्रुखाबाद निवासी शिवस्वरूप पांडे पुजारी हैं। वह करीब छह साल से मंदिर परिसर में परिवार के साथ रहते हैं। सोमवार शाम करीब 6:30 बजे पुजारी मंदिर में आरती कर रहे थे। मंदिर का लाउडस्पीकर भी बजा हुआ था। आरोप है कि दूसरे समुदाय के शौकीन पुत्र शकीरूदीन, गुड्डू पुत्र नजीर और फरान पुत्र नजीर मंदिर में पहुंचे और आरती के समय लाउडस्पीकर बंद करने के लिए कहा। पुजारी ने आरती करने की बात कही तो आरोप है कि तीनों युवकों ने लाउडस्पीकर बंद कर दिया। विरोध करने पर युवकों ने पुजारी के साथ मारपीट कर दी।
पुजारी का शोर सुनकर आसपास के लोग दौड़े तो आरोपी युवक मौके से भाग निकले। पुुजारी के साथ मारपीट और लाउडस्पीकर बंद करने के बाद गांव के सैकड़ों लोग मंदिर में पहुंच गये और हंगामा कर दिया। आरोप है कि उसके बाद भी फरान बाइक से पहुंचा और पुजारी को धमकी दी। जिसके बाद दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए और नारेबाजी कर दी। कुछ लोगों ने छत पर चढ़कर पथराव कर दिया। आरोप है कि दूसरे समुदाय के लोगों ने हवाई फायरिंग कर दी।
सांप्रदायिक तनाव की सूचना पर इंस्पेक्टर खरखौदा मनीष सक्सेना, सीओ किठौर विनोद सिरोही कई थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुुंचे। भीड़ ने पुलिस के सामने ही हंगामा कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने लाठी फटकारते हुए भीड़ को खदेड़ दिया। पुजारी की तहरीर पर पुलिस ने तीनों युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए फरान पुत्र नजीर को हिरासत में ले लिया है।
ग्रामीण बोले, क्या हम पाकिस्तान में हैं?
सीओ किठौर विनोद सिरोही जब सोमवार रात गांव में पहुंचे तो पुजारी के पक्ष में ग्रामीणों ने सीओ को घेर लिया। सीओ ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को समझाने की कोशिश की तो लोग भड़क गये। ग्रामीणों ने सीओ से पूछा कि क्या हम पाकिस्तान में हैं? मंदिर में आरती के समय भी लाउडस्पीकर नहीं बजा सकते? ऐसे तो लोग देश छोड़कर चले जाएं। इस दौरान ग्रामीणों की सीओ से तीखी नोकझोंक हुई।
पहले भी हो चुका तनाव
जाहिदपुर गांव में मिश्रित आबादी है। कांवड़ यात्रा के दौरान भी जुलाई माह में गांव में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया था। उससे पहले भी प्राचीन मंदिर में लाउडस्पीकर के मामले में कई बार दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ चुके हैं।