एलआईसी मैनेजर की मंगलवार रात लूटपाट के बाद हत्या कर दी गई। लाश मवाना रोड स्थित बना गांव के जंगल में मिली। परिजनों ने बुधवार दोपहर पोस्टमार्टम हाउस पर शव की शिनाख्त की। पुलिस लूटी हुई वैगनआर और मोबाइल की तलाश में जुटी है।
आशु वर्मा (40) पुत्र बलजीत सिंह का परिवार मोदीपुरम स्थित कृषि विश्वविद्यालय कैंपस के क्वार्टर नंबर टी-12 में रहता है। आशु एलआईसी मैनेजर थे। उन्होंने मोदीपुरम में ऑफिस खोला था। उनकी पत्नी सीमा केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान में सीनियर क्लर्क हैं। मंगलवार रात करीब आठ बजे आशु अपनी पत्नी के साथ शॉपिंग करके लौटे। उन्होंने पत्नी को घर छोड़ा और एक दोस्त से मुलाकात करने की बात कहकर चले गए। वे 20 मिनट बाद लौटने की बात कहकर गए थे। पत्नी ने रात करीब 10 बजे फोन किया, लेकिन फोन बंद था। परिजनों ने काफी तलाशने के बाद पल्लवपुरम थाना पुलिस को सूचना दे दी। बुधवार सुबह परिजनों ने अनहोनी का अंदेशा जताकर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। दोपहर तीन बजे मवाना रोड पर एक शव मिलने की सूचना पर परिजनों ने मीडिया कर्मियों से संपर्क किया। वहां से उन्हें इंचौली पुलिस का नंबर मिला।
पोस्टमार्टम हाउस पर की पहचान
परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस शव की पहचान आशु वर्मा के रूप में की। परिजनों में कोहराम मच गया। इंचौली पुलिस ने बताया कि आशु की लाश सुबह ही मवाना रोड स्थित बना गांव के जंगल में मिली थी। उसके शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं है। परिजनों ने कार और मोबाइल लूट के बाद हत्या होने का अंदेशा जताया है।
हत्या कर लाश फेंकी गई
इंस्पेक्टर इंचौली अनिल कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया कि आशु की हत्या कहीं और हुई है। शव को जानबूझकर बना गांव के जंगल में फेंका गया है। कुछ स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि शव को एक सफेद रंग की गाड़ी फेंककर गई है। पुलिस उक्त गाड़ी का पता लगाने में लगी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही हत्या के कारण का पता चल पाएगा।
पहले पार्टी और फिर हत्या
पुलिस को अंदेशा है कि हत्या मोदीपुरम में हुई है। आशु को उसके दोस्त का फोन आया। जिसकी कॉल सुनते ही वह अपनी पत्नी को छोड़कर गया। अंदेशा कि आशु को पहले पार्टी में जहरीला पदार्थ देकर मारा गया और फिर दूसरी गाड़ी से उसको बना गांव के जंगल में फेंका है। इंस्पेक्टर पल्लवपुरम का कहना है कि आशु की हत्या साजिशन हुई है। जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।