एक युवक को रविवार रात अपने परिवार के लोगों से मारपीट की सूचना पुलिस को देना महंगा पड़ गया। आरोप है कि पुलिस ने थाने में ले जाकर पहले युवक को पीटा। उसके बाद हंगामा करने पहुंची महिलाओं से भी अभद्रता कर दी। एक महिला के हाथ में लाठी लगने के बाद हंगामा हो गया।
लालकुर्ती के मैदा मोहल्ला निवासी सचिन का अपनी पत्नी कृष्णा से विवाद हो गया। आरोप है कि युवक की बहन भावना, दीपाली और मां ऊषा ने भी सचिन और उसकी पत्नी को धमकी दी। परिवार के झगड़े में दोनों पक्षों की महिलाओं की कहासुनी हो गई। जिसके बाद युवक ने कंट्रोल रूम को मारपीट की सूचना दे दी। जिसके बाद यूपी 100 की गाड़ी मौके पर पहुंची और सचिन को लालकुर्ती थाने ले जाकर पुलिस को पूरा मामला बताया। युवक ने पुलिस को बतया कि उसकी पत्नी को बहन और मां परेशान करती हैं।
आरोप है कि पुलिस ने युवक की थाने में पिटाई कर दी। इस बीच युवक के घर की महिलाएं भी थाने पहुंच गईं और युवक पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा कर दिया। पुलिस ने महिलाओं पर रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही तो वह भड़क गई। आरोप है कि लालकुर्ती इंस्पेक्टर से एक महिला ने अभद्रता कर दी। जिसके बाद एक सिपाही ने महिला को धक्का देकर थाने से बाहर कर दिया। इतने में इंस्पेक्टर ने जैसे ही लाठी उठायी तो एक महिला को जा लगी। जिसके बाद पीड़ित पक्ष के लोगों ने हंगामा कर दिया। बाद में पुलिस ने महिलाओं को थाने से भगा दिया। रात तक दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे थे।
पैर छूकर मांगी माफी
सचिन ने थाने में पैर छूकर एक पुलिसकर्मी से माफी मांगी। युवक ने कहा कि उसने मारपीट नहीं की है उसे झूठा फंसाया जा रहा है। उसके बाद भी पुलिस ने युवक को हवालात में बंद कर दिया।
नहीं चलाई लाठी
परिवार के विवाद में दोनों पक्ष थाने में एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे थे। पुलिस पर लाठी चलाने का आरोप गलत है। महिलाओं के हंगामा करने पर उन्हें समझाकर शांत कराया गया था। -धीरज शुक्ला, इंस्पेक्टर लालकुर्ती
पुलिस को अधिकार नहीं
थाने में किसी पुलिसकर्मी ने यदि महिलाओं के साथ अभद्रता या मारपीट की है, तो उसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को मारपीट या अभद्रता करने का अधिकार नहीं है। -आलोक प्रियदर्शी, एसपी सिटी