पहले कुदरत बेरहम हुई फिर ससुराल वाले। साल भर पहले एक हादसे में घर गंवाने के बाद से परेशान युवक के ससुराल वालों ने पत्नी की विदाई करने से इंकार कर दिया। इस सदमे से आहत युवक ने जहर खा लिया। उपचार के लिए उसे सीएचसी में दाखिल कराया गया है, जहां जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।
चिट्ठेपार गांव निवासी 30 वर्षीय नारायण की शादी करीब साल भर पहले बासंगाव के हरिपुर गांव में हुई थी। शादी के दूसरे ही दिन घर में आग लग गई और पूरा सामान जलकर राख हो गया। गांव में दूसरे के घर दोनों को शरण लेनी पड़ी। आग लगने की सूचना पर पहुंचे मायके वाले उसकी पत्नी को साथ लेकर चले गए। तब से वह अकेले ही रह रहा था। रविवार को वह ससुराल पत्नी का विदाई कराने के लिए पहुंचा था।
ससुराल वालों ने घर न होने का हवाला देते हुए विदाई करने से इनकार कर दिया। इससे आहत होकर नारायण गांव लौटा और चौराहे पर ही जहरीला पदार्थ खा लिया। चौराहे पर अचानक गिरा तो लोग उसकी ओर दौड़ पड़े। उपचार के लिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टर उसकी हालत नाजुक बता रहे हैं।