कोचुवेली-देहरादून एक्सप्रेस से फेंके जाने वाला सिख यात्री हरिद्वार निवासी हरविंद्र सिंह था। घायल हरविंद्र घटना के बाद कैंट स्थित एक नर्सिंग होम में पहुंचा था, जहां डॉक्टरों ने बच्चों का अस्पताल बताकर उसका इलाज नहीं किया था। उसको मामूली चोटें थीं, जिसके चलते वह वापस लौट गया था।
इस ट्रेन में रविवार को हुए खूनी संघर्ष में सहारनपुर के युवकों के अलावा इस वारदात का चश्मदीद गवाह सरदार हरविंद्र सिंह भी है। घायलों ने बताया था कि हमलावरों का दो सिख यात्रियों से विवाद हुआ था। उसके बाद हमलावरों ने एक सिख यात्री को ट्रेन से फेंका था। इसकी जांच सोमवार को पुलिस ने की। जिसमें पता चला कि ट्रेन में विवाद के बाद जिस सिख यात्री को ट्रेन से फेंका गया था वह कैंट एरिया में कासमपुर स्थित अजय नर्सिंग होम में पहुंचा था।
इसकी जानकारी लगने पर एसपी सिटी ओपी यादव नर्सिंग होम पहुंचे और पुलिस को इसकी सूचना न देने पर नर्सिंग होम के कर्मचारियों को फटकार लगाई। अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि उस सिख यात्री ने सिर्फ इतना ही बताया था कि उसका नाम हरविंद्र सिंह है और वह हरिद्वार का रहने वाला है, लेकिन वह हरिद्वार में किस जगह रहता है, इसकी जानकारी नहीं दी गई। इलाज न मिलने पर वह वापिस लौट गया था।
एसपी सिटी ने बताया कि हरविंद्र को ही इस प्रकरण की पूरी जानकारी है। आरोपी कौन थे और विवाद की असली वजह क्या थी, यह हरविंद्र ही बेहतर बता सकता है। हरविंद्र की तलाश में पुलिस टीम हरिद्वार भेजी गई है। हरविंद्र के मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
पुलिस की टीम गठित
यह मामला जीआरपी थाने में दर्ज हुआ है। जीआरपी के अलावा एसपी सिटी ने हमलावरों की तलाश में पुलिस की एक टीम गठित की है। कंकरखेड़ा और सदर बाजार थाने की पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस ने सोमवार को कासमपुर गांव में जाकर प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की।